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सुकमा के दूरस्थ वनांचल इलाके में ‘राहत शिविर’, 2331 आवेदनों का निराकरण, एक ही जगह मिला कई योजनाओं का लाभ

सुकमा: जिले के अति‌दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में अब नियद नेल्लानार योजना के तहत कई सुविधाएं पहुंच रही हैं. इसी कड़ी में रायगुड़ा कैंप में चार दिवसीय विशेष सुविधा शिविर आयोजित किया गया जिसका समापन शनिवार को हुआ. इसमें मोरपल्ली, बुरकापाल और सुरपनगुड़ा पंचायत क्षेत्र के हजारों ग्रामीण पहुंचे और शासन की योजनाओं का लाभ उठाया.

2 हजार से ज्यादा आवेदन: 4 दिनों तक चले इस शिविर में कुल 2,331 ग्रामीणों ने अलग-अलग योजनाओं और सेवाओं के लिए आवेदन दिए. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन अत्यंत दूरस्थ इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को बिना किसी बाधा के सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था. महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, पीएम आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदनों का तत्काल पंजीयन और निराकरण किया गया.

मौके पर योजन की राशि भी दी गई: बीसी सखी व्यवस्था के माध्यम से 56,000 रुपए की राशि लाभार्थियों को मौके पर ही निकालकर दी गई. इससे ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ी. कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहली बार उन्हें अपने ही क्षेत्र में इतनी बड़ी सरकारी व्यवस्था दिखाई दी.

बड़े अधिकारियों का शिविर में ही रात्रि विश्राम: शिविर के सुचारू संचालन के लिए जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की. SDM कोंटा सुभाष शुक्ला, जनपद पंचायत CEO सुमित कुमार ध्रुव और डिप्टी कलेक्टर शबाब खान ने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना. साथ ही जनभागीदारी सुनिश्चित करने रायगुड़ा कैम्प में रात्रि विश्राम कर शिविर की निगरानी भी की.

एक ही शिविर में कई सुविधा: ‘नियद नेल्लानार’ शिविर में एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सेवाओं की उपलब्धता ने हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत दी. स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, बैंकिंग, पेंशन, भूमि संबंधी कार्य, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, वनाधिकार आवेदन सभी विभागों की संयुक्त उपस्थिति रही. ये एक तरह का ‘मिनी जिला कार्यालय’ था.

वनांचल में लग रहे ऐसे शिविर शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम भी कर रहे हैं. इन शिविर से योजनाएं आखिरी व्यक्ति तक पहुंच रही है.