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चीन पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप

उइगर मुसलमानों के प्रति चीन के रवैये की निंदा

जेनेवाः चीन पर मानवाधिकारों के गंभीर हनन का आरोप लगाते हुए एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट सामने आई है, जिस पर अमेरिका, ब्रिटेन सहित 15 देशों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में एक संयुक्त बयान जारी कर चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे कथित दुर्व्यवहार की निंदा की है।

रिपोर्ट में जबरन श्रम, सामूहिक हिरासत शिविरों, और सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों जैसे गंभीर उल्लंघनों का उल्लेख किया गया है। 15 देशों का यह कदम चीन पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की एक समन्वित कोशिश है। यह बताता है कि पश्चिमी देश अब इन मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने के लिए एकजुट हो रहे हैं, भले ही चीन उनके खिलाफ जवाबी कूटनीतिक या आर्थिक कार्रवाई करे।

चीन ने हमेशा इन आरोपों को आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताकर खारिज किया है और दावा किया है कि उसके शिविर व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र हैं जो आतंकवाद से लड़ने के लिए आवश्यक हैं। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अब इन दावों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इस संयुक्त बयान ने चीन और पश्चिमी देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा दिया है। मानवाधिकार उल्लंघन का यह मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर चीन की छवि को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी चीन में अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं की नैतिकता पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है।