Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां धार भोजशाला में मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष के लिए अलग जमीन… जानें हाई कोर्ट के फैसले में क्य... Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड... Namo Bharat FOB: निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज शुरू Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द Patna News: बालगृह के बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल, 14 ट्रेड में मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और नौ... Mumbai Murder: मुंबई के आरे में सनसनीखेज हत्या, पत्नी के सामने प्रेमी का गला रेता; आरोपी गिरफ्तार Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ...

चीन ने बड़े पैमाने पर नौसैनिक अभ्यास शुरू किया

ताइवान के राष्ट्रपति की चेतावनी की तीखी प्रतिक्रिया

बीजिंगः चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने ताइवान स्ट्रेट के पास बड़े पैमाने पर नौसैनिक और हवाई अभ्यास शुरू किया है, जिसे वह ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक ताकतों को स्पष्ट चेतावनी बता रहा है। इन सैन्य अभ्यासों में युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जिससे क्षेत्र में पहले से ही नाजुक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने चीन की इस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।

चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में पुष्टि की कि ये अभ्यास एक नियमित गतिविधि हैं जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है। हालांकि, सरकारी मीडिया ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास ताइवान में आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले विभाजनकारी मानी जाने वाली ताकतों के लिए एक सीधी चेतावनी है। इन अभ्यासों में जल-थल-आकाश तीनों से हमला करने की क्षमता का प्रदर्शन शामिल है, जिसमें वास्तविक गोलाबारी और आक्रमण रिहर्सल शामिल हैं, जो ताइवान की ओर बीजिंग के आक्रामक इरादों को रेखांकित करते हैं।

ताइवान ने चीन के अभ्यास पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है और चीनी सेना की सभी गतिविधियों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ताइवान की सशस्त्र सेनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं और वे किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए तैयार हैं। मंत्रालय ने नागरिकों से शांत रहने की अपील भी की है। ताइवान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में अपनी तटीय रक्षा प्रणालियों और वायु गश्त को मजबूत किया है।

इस बीच, अमेरिका ने ताइवान स्ट्रेट में अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है। अमेरिकी नौसेना के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि एक निर्देशित मिसाइल विध्वंसक को अंतर्राष्ट्रीय जल में गश्त पर भेजा गया है ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। यह अमेरिकी कार्रवाई चीन के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि वह ताइवान को लेकर अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम है।

यह नवीनतम सैन्य अभ्यास 1990 के दशक के मध्य के बाद से क्षेत्र में सबसे बड़े अभ्यासों में से एक है, और यह इस द्वीप राष्ट्र के आसपास की सबसे खतरनाक अवधि में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अभ्यासों का उद्देश्य ताइवान के मतदाताओं को डराना और उन्हें चीन के साथ पुनर्मिलन के पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर करना है। दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हैं, क्योंकि कोई भी गलत कदम एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को जन्म दे सकता है जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर गंभीर परिणाम होंगे।