Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
AAP Action: आम आदमी पार्टी ने 7 बागी राज्यसभा सांसदों पर लिया बड़ा एक्शन, सदस्यता रद्द करने के लिए स... Rahul Gandhi at Gargi College: 'Gen Z हमारा भविष्य', गार्गी कॉलेज की छात्राओं से और क्या बोले राहुल ... Arvind Kejriwal in Bengal: ममता के समर्थन में उतरे अरविंद केजरीवाल, बंगाल में बोले- यह लोकतंत्र बचान... धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: नागपुर में बोले- 4 बच्चे पैदा करें हिंदू, एक को बनाएं RSS का स्वयंसे... Thanthania Kalibari: कोलकाता के ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, जानें 300 साल पुराने इस मं... PM Modi in Bengal: बंगाल में ममता बनर्जी पर बरसे पीएम मोदी, कहा- 'मां, माटी और मानुष' के नाम पर हुए ... Viral News: बाहर से किताबें खरीदने पर भड़की प्रिंसिपल, अभिभावक को 10 बार बोला- ‘You Shut Up’, वीडियो... Ganga Expressway Inauguration: 29 अप्रैल को होगा गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, जानें 594 किमी लंबे प... Gumla News: गुमला में बारात से लौट रही गाड़ी पलटी, भीषण हादसे में 2 लोगों की मौत, शादी की खुशियां मा... Road Accident: बेटी की शादी के बाद लौटते समय दर्दनाक हादसा, मां-बाप और बेटे की मौत से परिवार उजड़ा

हाई-वोल्टेज चुनावी ड्रामा: मां बनाम बेटी का मुकाबला, इस क्षेत्र में सियासी घमासान तेज, लोग ले रहे हैं चटकारे

तेलंगाना में स्थानीय चुनाव चल रहे हैं. ऐसे में गांवों में दिलचस्प नजारे देखने को मिल रहे हैं. ये चुनावी समर रिश्तों पर भी भारी पड़ रहा हैकोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहता हैवैसे तो आपने पंचायत चुनावों में भाई-बहन, बहनोई वगैरह को अलग-अलग पार्टियों के समर्थन से चुनाव लड़ते देखा होगा. मगर, यहां मां-बेटी आमने-सामने हैं. इससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है.

ये दिलचस्प चुनावी मुकाबला है जगतियाल जिले के कोरुतला मंडल में थिमैया पल्ले गांव का. यहां सरपंच चुनाव में मां और बेटी के बीच मुकाबला हैथिमैया पल्ले में सीट पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैइसके साथ ही शिवरात्रि गंगव्वा मैदान में उतरींइसके बाद उनकी बेटी सुमालता ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा की. बीआरएस ने जहां शिवरात्रि गंगव्वा को समर्थन देने की घोषणा कीवहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बेटी का समर्थन किया है.

सुमालता की एक और दिलचस्प कहानी

अब ये दोनों मां-बेटी घर-घर जाकर अलग-अलग प्रचार कर रही हैं. सुमालता की अपनी दिलचस्प कहानी हैदरअसलसुमालता को उसी गांव के एक व्यक्ति से प्यार हो गया थाइसके बाद उन्होंने शादी कर लीतब से इन दोनों परिवारों के बीच दूरी आ गईअब सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होने पर चुनावी मैदान में हैं. कुछ अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं लेकिन चर्चा सबसे ज्यादा मां-बेटी की है.

क्या होगा इस सियासी जंग का परिणाम?

मां और बेटी के चुनाव लड़ने को लेकर दिलचस्प बहस चल रही है. दोनों ने पहले ही अपना डोर-टू-डोर अभियान तेज कर दिया है. जाति के आधार पर बैठकें कर रही हैं. कोई भी छोटा मौका छोड़े बिना प्रचार कर रही हैं. इसके अलावा अन्य ग्रामीण भी मां और बेटी द्वारा किए जा रहे प्रचार को देखने में रुचि दिखा रहे हैं. मां और बेटी के बीच इस सियासी जंग का क्या परिणाम होगा इसका हमें इंतजार करना होगा. फिलहाल, चुनाव दिलचस्प है.