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देश में चौथी बार ईंधन के दाम और बढ़ाये गये

महंगाई और आजीविका की चिंता भी बढ़ी

  • सिलेंडर के दाम पहले ही बढ़ाये गये

  • चुनाव के लिए रोक रखा था सरकार ने

  • आमदनी में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः ईंधन की कीमतों में एक बार फिर हुई बढ़ोतरी ने जीवन यापन की बढ़ती लागत और घटती घरेलू आय को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है। आम जनता में यह व्यापक डर है कि महंगे ईंधन से सभी क्षेत्रों में परिवहन और परिचालन खर्च बढ़ जाएगा, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ऐप बाइक राइडर के रूप में काम करने वाले 55 वर्षीय बिद्युत बनर्जी को औसतन 100 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए रोजाना लगभग 2.5 लीटर पेट्रोल की आवश्यकता होती है। 15 मई से पहले, वह हर दिन ईंधन पर लगभग 260 रुपये खर्च करते थे। रविवार को यह खर्च बढ़कर 275 हो गया।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डोज़ल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की, जिससे पिछले 10 दिनों से भी कम समय में कुल बढ़ोतरी करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जिसने मुद्रास्फीति (महंगाई) की आशंकाओं को हवा दे दी है। दोनों ईंधनों की कीमतों में लगभग 1 प्रतिशत या 1 रुपये प्रति लीटर से कम की वृद्धि हुई। कलकत्ता में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के आउटलेट पर अब पेट्रोल 110.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर पर बेचा जा रहा है।

अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 90 फीसद आयात करने वाला भारत पश्चिम एशिया संघर्ष से बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि एक प्रमुख जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के माध्यम से भेजी जाने वाली आपूर्ति फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से प्रभावी रूप से अवरुद्ध है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार कंपनियों को लगातार हो रहे नुकसान से बचाना चाहती है तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

आम जनता को भी आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी का डर सता रहा है। 15 मई को पेट्रोल 3.29 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 108.74 और डीजल 3.11 प्रति लीटर बढ़कर 95.13 रुपये हो गया था। जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार साल बाद बढ़ाई गईं, वहीं सरकार पहले ही घरेलू एलपीजी की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी (14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 60 रुपये) और कमर्शियल गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी (19 किलोग्राम के सिलेंडर पर 1,300 रुपये से अधिक) कर चुकी थी।

न्यू अलीपुर में एक स्ट्रीट फूड जॉइंट को प्रति माह कम से कम 20 मानक 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। इस साल जनवरी में एक सिलेंडर की कीमत 1,795 रुपये थी। डिलीवरी चार्ज के साथ यह 1,900 रुपये बैठती थी। अब उसी सिलेंडर की कीमत 3,202 रुपये है और डिलीवरी चार्ज के साथ यह करीब 3,300 का पड़ रहा है। इससे समाज के हर वर्ग को अब घर चलाने की चिंता सताने लगी है।