इंसानों तक को अपनी चपेट में लेने वाले वायरस का खतरा ज्यादा
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आम तौर पर विषाणु गर्मी से मर जाते हैं
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चूहों पर परीक्षण से खतरे की पुष्टि हुई है
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एवियन इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन बड़ा खतरा बना है
राष्ट्रीय खबर
रांचीः हाल के शोध से पता चला है कि बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) में एक ऐसी चौंकाने वाली गर्मी सहनशीलता है, जिसके कारण यह उन उच्च तापमानों पर भी जीवित रह सकता है, जो मानव इन्फ्लूएंजा वायरस को निष्क्रिय कर देते हैं। वैज्ञानिकों को इस बात की चिंता है कि यह विशेषता पक्षियों से मनुष्यों में इस बीमारी के फैलने के खतरे को और बढ़ा सकती है।जर्नल साइंस डेली में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया है कि बर्ड फ्लू वायरस का एक प्रमुख जीन, जिसे पीबी 1 कहा जाता है, उसे बुखार के स्तर की गर्मी पर भी प्रतिकृति बनाने की क्षमता प्रदान करता है।
मनुष्य के शरीर का तापमान, खासकर बुखार के दौरान, आमतौर पर मानव इन्फ्लूएंजा वायरस को कमजोर या नष्ट कर देता है। यह प्राकृतिक रूप से मनुष्यों को कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करता है। हालांकि, बर्ड फ्लू में पाए जाने वाले पीबी 1 जीन के कारण, एवियन वायरस मानव शरीर के उच्च तापमान का सामना करने में सक्षम होते हैं।
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शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्षों की पुष्टि करने के लिए चूहे पर प्रयोग किए। प्रयोगों से यह सिद्ध हुआ कि सामान्य बुखार मानव-जनित फ्लू के वायरस को पंगु बना देता है, जिससे वे प्रभावी ढंग से नहीं फैल पाते। इसके विपरीत, बर्ड फ्लू वायरस, जिसमें पीबी 1 जीन मौजूद था, गर्मी में भी अपनी प्रतिकृति जारी रखने में सफल रहा और गंभीर बीमारी का कारण बना।
यह खोज महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताती है कि क्यों कुछ एवियन इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन, जैसे कि एच5एन1, मनुष्यों को संक्रमित करने और गंभीर बीमारी पैदा करने में इतने सक्षम हैं। यदि कोई वायरस आसानी से मानव शरीर के सुरक्षा तंत्र (जैसे कि बुखार) से बच निकलता है, तो उसके लिए संक्रमण स्थापित करना और फैलना आसान हो जाता है।
इस अध्ययन का वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गहरा निहितार्थ है। बर्ड फ्लू वायरस में गर्मी के प्रति प्रतिरोध की यह क्षमता एक प्रमुख कारण हो सकती है कि एवियन इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन मानव आबादी के लिए एक बड़ा खतरा क्यों बने हुए हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस जीन को लक्षित करने वाली नई एंटीवायरल दवाएं या टीके विकसित करके इस खतरे का मुकाबला किया जा सकता है। पीबी 1 जीन की कार्यप्रणाली को समझना, बर्ड फ्लू के मनुष्यों में फैलने की क्षमता को रोकने के लिए नई रणनीतियाँ बनाने में मदद कर सकता है। यह अनुसंधान भविष्य की महामारियों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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