फ्रांस की सर्वोच्च अदालत से भी कोई राहत नहीं मिली
पेरिसः फ्रांस के सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी की 2012 के असफल पुनर्चुनाव अभियान में अवैध वित्तपोषण के मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। इस फैसले के साथ सरकोजी की लंबी कानूनी लड़ाई लगभग समाप्त हो गई है। उन्हें एक साल की जेल की सज़ा काटनी होगी, जिसका आधा हिस्सा निलंबित रहेगा।
सरकोजी पर आरोप था कि उन्होंने कानूनी रूप से निर्धारित चुनावी खर्च की सीमा से काफी अधिक खर्च किया था और इस अतिरिक्त खर्च को छुपाने के लिए एक जटिल चालबाजी की थी। 2013 से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे सरकोजी, जो 2007 से 2012 तक राष्ट्रपति थे, हमेशा खुद को निर्दोष बताते रहे और इस मामले को राजनीति से प्रेरित करार दिया था।
इस अंतिम फैसले ने फ्रांस के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है, जहाँ एक पूर्व राष्ट्रपति को कानूनी तौर पर आपराधिक गतिविधियों के लिए जेल की सज़ा काटनी होगी। यह फैसला फ्रांस में राजनीतिक नेताओं के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व को जोरदार तरीके से रेखांकित करता है, यह साबित करते हुए कि कानून की नज़र में कोई भी पदस्थ व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।