Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची के कांके रोड पर बेकाबू ट्रैक्टर का तांडव: आधा दर्जन बाइक-स्कूटी को रौंदा, एक गंभीर रूप से घायल जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं 'प्रतीक्षा': सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया व... गुरुग्राम के सूरत नगर में MNC कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटकता मिला शव बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... संसद के मानसून सत्र का आधा सफर पूरा, आखिरी 9 दिनों में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें पीएम मोदी ने मैसूर में किया 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन: बोले- "भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से ब...

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सज़ा

युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने भी बांग्लादेश पर फैसला दिया

ढाकाः बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने हाल ही के विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सज़ा सुनाई है। यह फैसला बांग्लादेश की पहले से ही ध्रुवीकृत राजनीति में एक भूचाल लाने वाला कदम है। लंबे समय तक देश पर शासन करने वाली हसीना को उनके राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों का सामना करना पड़ा था।

इस फैसले ने उनकी पार्टी, अवामी लीग, और देश भर में उनके समर्थकों के बीच भारी विरोध और आक्रोश पैदा कर दिया है। उनकी पार्टी ने इस फैसले को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और ‘न्यायिक हत्या’ करार दिया है। राजधानी ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर घेराव और विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की गई है, जिसके चलते सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

न्यायाधिकरण ने हसीना को सेना के साथ मिलीभगत कर बांग्लादेश की स्वतंत्रता का विरोध करने और अत्याचारों में शामिल होने का दोषी पाया है। हालांकि, इस सज़ा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी, लेकिन इस फैसले ने देश के राजनीतिक माहौल को अत्यधिक तनावपूर्ण बना दिया है और राजनीतिक अस्थिरता की आशंका को बढ़ा दिया है।