Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच संपन्न हुआ मत... दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की भी होगी सरकारी खरीद, सिकुड़े और टूटे दानो... Guna Crime: गुना में पिता के दोस्त की शर्मनाक करतूत, मासूमों से अश्लील हरकत कर बनाया वीडियो; पुलिस न... Allahabad High Court: मदरसों की जांच पर NHRC की कार्यशैली से 'स्तब्ध' हुआ हाई कोर्ट; मॉब लिंचिंग का ... PM Modi in Hardoi: 'गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की नई लाइफलाइन', हरदोई में बरसे पीएम मोदी— बोले, सपा-कांग्... Jabalpur Crime: 'शादी डॉट कॉम' पर जिसे समझा जीवनसाथी, वो निकला शातिर ब्लैकमेलर; फर्जी DSP बनकर 5 साल... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में बकरी चोरी के आरोप में युवक को खंभे से बांधकर पीटा, रिटायर्ड कृषि अ... Vande Bharat Extension: जम्मू से श्रीनगर का सफर अब और आसान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 30 अप्रैल को द... West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच 'दीदी' या 'दा... Unnao Road Accident: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो और डंपर की टक्कर मे...

जोहान्सबर्ग जी 20 शिखर सम्मेलन में नये कूटनीतिक समीकरण बने

ग्लोबल साउथ का उदय और संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति

जोहांसबर्गः दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी 20 नेताओं का शिखर सम्मेलन (20-23 नवंबर, 2025) कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। यह पहली बार था जब जी 20 समूह की बैठक अफ्रीका महाद्वीप में हुई, जिसने ग्लोबल साउथ (विकासशील और अल्पविकसित देशों) को एक मजबूत मंच प्रदान किया। इस वर्ष जी 20 का थीम एकजुटता, समानता और स्थिरता रहा, जिसने पिछले सम्मेलनों, विशेषकर भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को पूर्ण सदस्य बनाने के ऐतिहासिक निर्णय की दिशा को आगे बढ़ाया।

जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम संयुक्त घोषणापत्र पर सर्वसम्मति से सहमति होना रहा। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की ओर से कुछ बिंदुओं पर आपत्ति के बावजूद, सभी 21 सदस्य देशों (यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ सहित) ने एक साझा बयान को मंजूरी दी। दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने इस घोषणा को अफ्रीकी महाद्वीप के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव और बहुपक्षवाद की मज़बूत पुष्टि बताया। शेरपा स्तर पर विस्तृत वार्ताएं पहले ही पूरी हो चुकी थीं, जिससे नेताओं के लिए अंतिम घोषणा-पत्र को मंज़ूरी देना आसान हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंच पर भारत के दृष्टिकोण वसुधैव कुटुंबकम और वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर को मजबूती से रखा। उन्होंने समावेशी विकास, वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और न्यायसंगत भविष्य के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण सत्रों को संबोधित किया। यह लगातार चौथी बार था जब जी 20 सम्मेलन ग्लोबल साउथ के देशों (पहले इंडोनेशिया, फिर भारत और ब्राजील) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो वैश्विक शक्ति संतुलन में हो रहे बदलाव को दर्शाता है।

इस शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक ऋण संकट, और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पुनर्जीवित करने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि दुनिया की साझा दिशा पर सभी 21 सदस्य समान रूप से प्रतिनिधित्व करते हैं, जो एक अधिक लोकतांत्रिक और प्रतिनिधि वैश्विक शासन व्यवस्था की ओर संकेत करता है।