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भारतीय सेना को मिली नई तरह की वर्दी

इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स भी हासिल किए गये हैं इसके

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय सेना ने अपने जवानों के लिए नई और आधुनिक वर्दी पेश की है, जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है बल्कि इसके डिजाइन के लिए सेना ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स भी हासिल कर लिए हैं। यह कदम सेना के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि इस विशिष्ट डिजाइन का व्यावसायिक रूप से दुरुपयोग न हो सके और केवल सेना के जवानों को ही आधिकारिक तौर पर यह वर्दी उपलब्ध हो।

नई कॉम्बैट वर्दी में उन्नत एर्गोनोमिक डिज़ाइन और बेहतर छलावरण पैटर्न का उपयोग किया गया है, जो विभिन्न इलाकों और जलवायु परिस्थितियों में जवानों की पहचान को मुश्किल बनाने में सहायक होगा। इस वर्दी को डीआरडीओ (DRDO) और सेना के विशेषज्ञों ने मिलकर डिज़ाइन किया है। इसमें हल्के, मजबूत और तेजी से सूखने वाले कपड़े का इस्तेमाल किया गया है, जिससे जवानों को युद्ध और कठिन प्रशिक्षण के दौरान अधिक आराम और गतिशीलता मिल सके।

आईपीआर हासिल करने का मतलब है कि अब इस वर्दी का पैटर्न और डिज़ाइन भारतीय सेना की संपत्ति है। सेना ने इस संबंध में सभी सैन्य कमांडों, पुलिस महानिदेशकों और संबंधित सरकारी व निजी संस्थाओं को निर्देश जारी किए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि इस डिज़ाइन की अनधिकृत बिक्री, उत्पादन या उपयोग न हो। यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले सेना की पुरानी वर्दियां खुले बाजार में आसानी से उपलब्ध थीं, जिसका इस्तेमाल असामाजिक तत्वों द्वारा गलत उद्देश्यों के लिए किया जा सकता था।

यह नई वर्दी आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है, क्योंकि इसका उत्पादन पूरी तरह से भारत में किया जा रहा है। यह न केवल सैनिकों की परिचालन क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि उनकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी। इस पहल से सेना के मनोबल में भी वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि यह विशिष्टता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ाएगा।