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करोड़ों का गोल्ड फ्रॉड! थुंचाथ ज्वेलर्स पर ED ने कसा शिकंजा, सोने के कारोबार के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा, जानें पूरा घोटाला

ईडी ने केरल में धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने करीब ₹20.4 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की है.यह कार्रवाई थुंचाथ ज्वेलर्स और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है.जब्त की गई संपत्तियों में केरल और कर्नाटक में स्थित कई अचल संपत्तियां शामिल हैं.

जांच में सामने आया है कि थुंचाथ ज्वेलर्स (M/s Accomplish Marketing Pvt. Ltd. की एक यूनिट) ने 2012 में तिरूर से कारोबार शुरू किया था. कंपनी ने मासिक निवेश योजनाएं चलाकर निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई. कंपनी के प्रबंध निदेशक एम. जयचंद्रन और अन्य निदेशकों ने निवेशकों के पैसे हड़प लिए और 2017 में फरार हो गए. इस धोखाधड़ी के बाद लगभग 70 शिकायतें पुलिस में दर्ज कराई गईं.

कई कंपनियां बनाकर किया गया खेल

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने लोगों से वसूली गई रकम को छिपाने के लिए कई नई कंपनियां बनाई, जैसे थुंचाथ गोल्ड एलएलपी, अकॉम्प्लिश गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, थुंचाथ टूर एंड ट्रैवल्स प्रा. लि. और थुंचाथ चिट्स प्रा. लि.. आरोपियों ने इन कंपनियों के जरिए जनता से जुटाई गई रकम को अपनी और अपने परिवार की संपत्तियों में निवेश कर दिया.

कोऑपरेटिव बैंक के कार्यालयों पर छापेमारी

इसके साथ ही राज्य में जांच एजेंसी ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्डिंग मामले में शुक्रवार को नेमोम सर्विस कोऑपरेटिव बैंक के कार्यालयों पर छापेमारी की. साथ ही तिरुवनंतपुरम में कई स्थानों पर बैंक के बोर्ड सदस्यों और सचिवों के आवासों पर भी छापे मारी की गई.

करीब 100 करोड़ रुपये के लोन का हेरफेर!

केरल सहकारिता विभाग द्वारा की गई जांच के बाद जांच शुरू की गई थी. जांच में बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का पता चला था. विभाग की जांच में करीब 100 करोड़ रुपये के लोन हेरफेर का संकेत मिला है.अधिकारियों का कहना है कि जांच में पाया गया कि ऐसे लोगों को लोन दिए गए जो बैंक के सदस्य नहीं थे. इतना ही नहीं इनके पास पर्याप्त गारंटी भी नहीं थी.