आरोप लगते ही चुनाव आयोग के बचाव में आगे आयी भाजपा
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दस्तावेजी सबूत भी दिखाये गये हैं
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ब्राजील की मॉडल ने 22 बार वोट डाला
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सीधे आयोग पर ही मिलीभगत का आरोप
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः देश की नजर बनारस के चुनाव परिणामों पर थी पर नेता प्रतिपक्ष ने इस बार हरियाणा और महाराष्ट्र में वोट चोरी के सबूत पेश किये। इस बार भी जो साक्ष्य पेश किये गये हैं, वे चुनाव आयोग के आंकड़ों पर ही आधारित है। इससे साफ हो जाता है कि वोट चोरी के मामले में राहुल के इस आरोप में दम है कि दरअसल चुनाव आयोग भी इस साजिश में शामिल है।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक 24 घंटे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर वोट चोरी का गंभीर मुद्दा उठाया है। एच-फाइल्स नामक दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए, उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा विधानसभा चुनावों में भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जिसके कारण कांग्रेस की जीत की संभावनाएँ प्रभावित हुईं। उनके अनुसार, मतदाता सूची में हेरफेर करके चुनाव परिणाम बदल दिए गए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हरियाणा की वोटर लिस्ट में फर्जी नामों का आरोप लगाते हुए दावा किया कि एक ब्राजीलियन मॉडल की तस्वीर 22 अलग-अलग नामों से मतदाता सूची में दर्ज है. अब खुलासा हुआ है कि यही तस्वीर सिर्फ वोटर लिस्ट तक सीमित नहीं बल्कि लिंक्डइन पर भी दर्जनों फेक प्रोफाइल में कहीं सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो कहीं ऑफिस मैनेजर बनकर इस्तेमाल की जा चुकी है।
ये तस्वीर असल में ब्राजील के फोटोग्राफर मथेउस फेरोरो ने करीब आठ साल पहले खींची थी. अब इस फोटो का गलत इस्तेमाल करके कई फेक प्रोफाइल बनाए गए हैं। इस चेहरे के अलग अलग नाम वाले 22 वोटरों ने हरियाणा में वोट डाला है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हमारे पास साफ सबूत हैं कि हरियाणा में 25 लाख फेक वोटर हैं या तो वे असल में मौजूद नहीं, या डुप्लीकेट हैं, या ऐसे बनाए गए हैं कि कोई भी उनका इस्तेमाल करके वोट डाल सके.
राहुल गांधी ने यह आरोप ऐसे महत्वपूर्ण समय पर लगाए हैं जब बिहार में मतदान होने वाला है, जिससे उनके इरादों और इस आरोप के चुनावी नतीजों पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उनके पूर्व के आरोप, जो हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों के परिणामों पर केंद्रित थे, हमेशा मतदाता सूची में गड़बड़ी को ही मुख्य आधार बनाते रहे हैं।
भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर बूथ पर सभी राजनीतिक दलों के एजेंट मौजूद रहते हैं, जिनका काम फर्जी वोटिंग को रोकना होता है। उन्होंने कांग्रेस पर ही सवाल उठाया कि यदि किसी बूथ पर फर्जी वोटिंग हो रही थी, तो उनके कार्यकर्ताओं ने औपचारिक शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई?
रिजिजू ने यह भी बताया कि मतदान में गड़बड़ी रोकने के लिए कई प्रावधान हैं, जिनमें बूथ एजेंट की मौजूदगी, चुनाव आयोग में अपील और यहाँ तक कि अदालत का रुख करना भी शामिल है, जहाँ चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर दुबारा मतदान की मांग की जा सकती है।
अंततः, राहुल गांधी के ये आरोप, जो पहले भी उन्हीं आँकड़ों पर आधारित थे जो चुनाव आयोग ने स्वयं सार्वजनिक किए थे, एक बार फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिसका जवाब चुनाव आयोग को अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी के तहत देना होगा।