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यूक्रेन में रूसी सेना का मानवाधिकार उल्लंघन जारी

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की जांच आयोग ने रूस पर आरोप लगाये

जेनेवाः संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जाँच आयोग की हालिया रिपोर्ट ने यूक्रेन में रूसी सैन्य बलों द्वारा किए जा रहे कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन और अत्याचारों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट ने स्पष्ट रूप से निष्कर्ष निकाला है कि रूसी सेना द्वारा यूक्रेन पर किए गए ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों के भीषण हमले, जिनमें आम नागरिकों को निशाना बनाया गया, मानवता के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं।

जाँच आयोग ने विशेष रूप से नागरिक बुनियादी ढांचे, जैसे कि ऊर्जा संयंत्रों, आवासीय क्षेत्रों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर बार-बार जानबूझकर किए गए हमलों पर प्रकाश डाला है। रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में एक ही लक्ष्य पर बार-बार हमला किया गया, जिससे नागरिक आबादी में आतंक और भय का माहौल बना।

आयोग ने यह भी दस्तावेज़ किया है कि रूसी सेना ने कथित तौर पर यूक्रेन में हत्याएं, जबरन विस्थापन और नागरिकों के साथ क्रूर व्यवहार किया है। रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी कानून के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त लोगों और स्थानों, जैसे कि बच्चों और अस्पतालों, पर हमलों के कई मामले दर्ज हैं।

इस रिपोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) और अन्य न्याय संबंधी मंचों पर रूस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को और मजबूत किया है। यूक्रेन सरकार ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन का आह्वान किया है। वहीं, रूस ने हमेशा की तरह इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उसके हमले केवल सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित हैं। यह रिपोर्ट यूक्रेन में चल रहे संघर्ष की मानवीय लागत को स्पष्ट रूप से उजागर करती है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ाती है।