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देश के वन क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार

दुनिया के वैश्विक पायदान पर एक नंबर ऊपर पहुंचा भारत

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: इंडोनेशिया के बाली में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा जारी ‘वैश्विक वन संसाधन मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने कुल वन क्षेत्र के मामले में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश अब एक पायदान ऊपर चढ़कर दुनिया में नौवें स्थान पर पहुंच गया है, जो पहले दसवें स्थान पर था। इसके साथ ही, भारत ने वार्षिक वन क्षेत्र वृद्धि के मामले में विश्व भर में अपना तीसरा स्थान भी बनाए रखा है। जीएफआरए 2025 की रिपोर्ट बताती है कि भारत में वन आवरण के तहत कुल क्षेत्र 72.7 मिलियन हेक्टेयर हो गया है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस प्रगति पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे “सतत वन प्रबंधन और पारिस्थितिक संरक्षण में एक बड़ी उपलब्धि” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि 10वें स्थान से 9वें स्थान पर भारत का ऊपर आना देश के पर्यावरण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

वैश्विक वन क्षेत्र के मामले में, रूस (832.6 मिलियन हेक्टेयर) विश्व में पहले स्थान पर बना हुआ है, जिसके बाद ब्राजील, कनाडा और अमेरिका जैसे देश हैं। रैंकिंग में भारत से आगे रहने वाले अन्य देश चीन, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया हैं।

मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों को दिया। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण, वनीकरण और समुदाय-आधारित पर्यावरण कार्रवाई के उद्देश्य से बनाए गए इन कार्यक्रमों ने प्रभावी परिणाम दिए हैं।

मंत्री यादव ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस आह्वान और पर्यावरण चेतना पर उनके निरंतर जोर ने देश भर के लोगों को वृक्षारोपण और संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया है, जिससे यह ऐतिहासिक प्रगति संभव हो पाई है। यह बढ़ती हुई जनभागीदारी एक हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती है।