सरकार के नये फैसले से बांग्लादेश में स्थिति बिगड़ी
ढाकाः बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल गरमा गया है, जहाँ प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा एक विवादास्पद नए चार्टर पर हस्ताक्षर किए जाने के विरोध में हिंसक झड़पें भड़क उठी हैं। नए चार्टर को विपक्षी दल देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिक स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा खतरा मानते हुए इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी समूहों ने संसद भवन के आसपास घेराव करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।
ये झड़पें बांग्लादेश के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव को उजागर करती हैं, जहाँ विपक्षी दल लगातार निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाहक सरकार की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सत्तारूढ़ दल चार्टर के माध्यम से अपनी शक्ति को और मजबूत करने और विरोध की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रहा है।
विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में छात्र, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए, जो अपनी मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरे। कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी दोनों घायल हुए हैं, और विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के प्रयास में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने बांग्लादेश में बढ़ती राजनीतिक हिंसा और मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन पर चिंता व्यक्त की है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि सरकार और विपक्ष के बीच यह गतिरोध देश के आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता के लिए हानिकारक है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब तक दोनों पक्ष संवाद के माध्यम से एक सामान्य आधार नहीं खोजते, तब तक ढाका में अशांत माहौल जारी रहने की संभावना है। नए चार्टर पर विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि बांग्लादेश के नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए लड़ने को तैयार हैं, भले ही उन्हें सरकारी दमन का सामना करना पड़े।