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गाजा शांति समझौता पर बनी सहमति: संघर्ष विराम की उम्मीद

डोनाल्ड ट्रंप का प्रयास अंततः रंग लाया

  • प्रथम दौर की बात चीत सफल हुई है

  • बंधकों और कैदियों की रिहाई जरूरी

  • मानवीय सहायता पहुंचाना भी आवश्यक

गाजाः इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चल रहे खूनी संघर्ष में आखिरकार शांति की एक हल्की किरण दिखाई दी है। अमेरिकी मध्यस्थता के गहन प्रयासों के बाद, खबर है कि गाजा में शांति समझौते के पहले चरण पर दोनों पक्षों ने अपनी सहमति दे दी है। यह समझौता, यदि सफल होता है, तो क्षेत्र में अनिश्चितता और हिंसा के चक्र को तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य गाजा पट्टी में तत्काल और स्थायी रूप से संघर्ष विराम लागू करना है। लाखों नागरिक, जो हफ्तों से लगातार बमबारी और विस्थापन की मार झेल रहे हैं, उनके लिए यह खबर जीवनदान से कम नहीं है। संघर्ष विराम से न केवल जान-माल का नुकसान रुकेगा, बल्कि मानवीय सहायता को जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने का रास्ता भी साफ होगा।

शांति योजना के इस चरण का एक और महत्वपूर्ण पहलू बंधकों की रिहाई है। हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों के लिए यह खबर एक बड़ी राहत लेकर आई है। समझौते के तहत, बंधकों को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया जाएगा, जिससे उनके प्रियजनों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकेगी। इन बंधकों की रिहाई को अक्सर संघर्ष विराम की सफलता के लिए एक अनिवार्य शर्त माना गया है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, इस समझौते को एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते की जानकारी साझा की, जिससे इसकी गंभीरता और वैश्विक महत्व बढ़ गया है। अमेरिका, मिस्र और कतर जैसे प्रमुख मध्यस्थ देशों ने पर्दे के पीछे रहकर इस संवेदनशील बातचीत को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

समझौते के लागू होने की प्रक्रिया जटिल और नाजुक होगी। इसमें कई निगरानी तंत्रों की आवश्यकता होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों पक्ष ईमानदारी से अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करें। अतीत में कई संघर्ष विराम समझौतों के टूटने का इतिहास रहा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सतर्क रहने और इस प्रक्रिया का मजबूती से समर्थन करने की जरूरत है। अ

गर यह पहला चरण सफल होता है, तो आगे चलकर गाजा के पुनर्निर्माण और दीर्घकालिक शांति स्थापित करने के लिए व्यापक बातचीत का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह समझौता गाजा के लोगों के लिए स्थायी रूप से दर्द और पीड़ा का अंत कर पाएगा। यह केवल संघर्ष विराम नहीं है; यह एक नए, अधिक शांतिपूर्ण भविष्य की ओर पहला कदम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा शांति योजना के पहले चरण के समझौते का स्वागत किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (9 अक्टूबर, 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा के लिए शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत किया, जिसके तहत इज़रायल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने का फैसला किया है।1 श्री मोदी ने कहा कि यह समझौता इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का भी प्रतिबिंब है।

श्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण के समझौते का स्वागत करते हैं।2 यह समझौता प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का भी प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को बढ़ी हुई मानवीय सहायता से उन्हें राहत मिलेगी और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।