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राजन गोहेन सहित कुल अट्ठारह नेताओं का इस्तीफा

असम में विधानसभा चुनावों से पहले ही भाजपा को करारा झटका

  • भीतरी और बाहरी का विवाद गहरा गया अब

  • असमिया लोगों की दुश्मन बनी है यह पार्टी

  • हिमंता अपनी मनमानी करते जा रहे हैं

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम में विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी भाजपा को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन ने इस्तीफा दे दिया। राजेन गोहेन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि पार्टी ने असम के लोगों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया और स्थानीय समुदायों को धोखा दिया, जबकि बाहरी लोगों को राज्य में बसने की अनुमति दी।

गोहेन के साथ 17 अन्य ने भी भाजपा को छोड़ने का एलान किया है। गोहेन का इस्तीफा ऐसे वक्त पर हुआ है जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा चुनावी मोड में हैं। गोहेन असम भाजपा के बड़े नेताओं में शामिल हैं।गुरुवार, 9 अक्टूबर को मीडिया को संबोधित करते हुए, गोहेन ने पार्टी के संस्थापक मूल्यों के ह्रास पर गहरी निराशा व्यक्त की।

गोहेन ने कहा, मैं लंबे समय से धैर्य रख रहा था, लेकिन यह बेहद निराशाजनक है। हम इस पार्टी में लोगों का चेहरा देखने के लिए नहीं आए थे; हम यहां अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के आदर्शों को कायम रखने आए थे। अब पार्टी किसी और के हाथों में चली गई है। अपने अगले राजनीतिक कदम का संकेत देते हुए, गोहेन ने कहा कि केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही असम के हितों की सेवा कर सकती है। उन्होंने बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के प्रमुख हाग्रामा मोहिलरी को असम की क्षेत्रीय राजनीति में एक केंद्रीय व्यक्ति बताया।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, भाजपा असमियों की मुख्य दुश्मन बन गई है। मैं कोई त्यागी व्यक्ति नहीं हूँ, न ही मैं वर्तमान भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया की तरह धन संचय कर सकता हूँ। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा किसी की नहीं सुनते और अपनी मनमानी करते हैं। एक अनुभवी राजनीतिक हस्ती, राजेन गोहेन ने 1999 से 2014 तक लगातार चार बार नौगांव (अब नागांव) निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया हैं।वह 1999 से 2014 तक असम की नौगांव क्षेत्र का प्रतिनिधितत्व कर चुके हैं। वह 5 जुलाई, 2016 से 30 मई, 2019 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में रेल राज्य मंत्री का भी दायित्व निभा चुके हैं।

पूर्वोत्तर राज्य असम में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। असम में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है। राज्य में पिछले 10 से भाजपा सत्ता में है।गोहेन 1991 में भाजपा से जुड़े थे। ऐसे में उन्हाेनें करीब साढ़े तीन दशक बाद पार्टी से इस्तीफा दिया है। इस दौरान उन्हें असम में भाजपा का अध्यक्ष बनने का भी मौका मिला।

ओबीसी वर्ग से आने वाले राजेन गोहेन की उम्र अभी 74 साल है। उन्होंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उनकी पत्नी का नाम रीता गोहेन है। उनके पांच बच्चे हैं। गोहेन पेशे से चाय बागान के मालिक हैं। चार बार सांसद रह चुके गोहेन का अभी अपने क्षेत्र के अलावा दूसरे एरिया में व्यापक असर है। राजनीतिक विश्लेषकों का आकलन है कि गोहेन के भाजपा छोड़ने से पार्टी को नुकसान हो सकता है। गोहेन ने अपने आगे के कदम का खुलासा नहीं किया है। गोहेन ने अपने इस्तीफे के बारे में सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं की है।