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हिमाचल के बिलासपुर में फिर बादल फटा

कृषि भूमि को नुकसान के अलावा कई वाहन मलबे में दबे

  • गुटराहन गांव में हुआ यह हादसा

  • अब तक किसी के मरने की खबर नहीं

  • पानी के साथ ही पहाड़ से मलबा आया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में शनिवार तड़के हुई बादल फटने की घटना के बाद कई वाहन मलबे में दब गए और कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुँचा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सौभाग्य से इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

बादल फटने की यह घटना नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के नामहोल इलाके के गुटराहन गाँव में हुई। एक स्थानीय ग्रामीण, कश्मीर सिंह ने बताया, तेजी से बहते पानी और मलबे ने कृषि भूमि को बहा दिया। इस घटना के बाद कई वाहन भी मलबे में दब गए।

इस बीच, शनिवार सुबह शिमला में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) कुछ ही मीटर तक सीमित हो गई। इससे खासकर स्कूल समय के दौरान यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

शुक्रवार शाम तक, राज्य में कुल 503 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं, जिनमें अट्टारी-लेह रोड (एनएच-3), औट-सेंज रोड (एनएच-305), और अमृतसर-भोता रोड (एनएच-503ए) शामिल हैं। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण पूरे राज्य में 953 बिजली ट्रांसफार्मर और 336 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं।

इससे पहले गत 20 जून को मानसून की शुरुआत से लेकर 12 सितंबर तक, राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में कुल 386 लोगों की जान चली गई है। इनमें से 218 मौतें बारिश से संबंधित घटनाओं के कारण हुईं, जबकि 168 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य को अब तक ₹4,465 करोड़ का अनुमानित नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 12 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में औसत 967.2 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 678.4 मिमी होती है, जो कि सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक है।