Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Terror Connection: सोशल मीडिया से ब्रेनवॉश... कैसे संदिग्ध हैंडलर के जाल में फंसा अबु बकर? जानें पित... Andhra Pradesh News: कुरनूल में भीषण सड़क हादसा, टैंकर और बोलेरो की टक्कर में 8 श्रद्धालुओं की मौत Cyber Crime: Facebook लिंक पर क्लिक करते ही पूर्व SBI मैनेजर से 1 करोड़ की ठगी, रिटायरमेंट फंड हुआ स... Weather Update Today: दिल्ली-UP में बढ़ेगी गर्मी, MP-राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट; जानें देश भर के म... Giridih News: सड़क हादसे में नवविवाहिता का उजड़ा सुहाग, पति की दर्दनाक मौत से मातम में बदली खुशियां JMM News: झामुमो की नीतीश-नायडू से अपील- 'मोदी सरकार से लें समर्थन वापस', नारी शक्ति वंदन एक्ट को बत... Palamu Crime News: चैनपुर में आपसी विवाद में फायरिंग, ट्यूशन से लौट रहे नाबालिग छात्र को लगी गोली Bokaro News: बोकारो में श्रद्धा और उल्लास से मन रहा 'भगता पर्व', जानें इस खास त्योहार की पूजा विधि औ... Jharkhand News: ग्रामीण विकास विभाग के कर्मी होंगे हाईटेक, AI तकनीक से लैस करेगी सरकार- मंत्री दीपिक... Jharkhand Cabinet Decisions: हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण होंगे वैध; D...

क्रॉस वोटिंग की जांच में जुटी है कांग्रेस पार्टी

इंडिया गठबंधन की एकता का दावा गलत साबित हुआ

  • कुछ चेहरों पर पहले से संदेह था

  • कुछ ने अपना वोट अमान्य कराया

  • स्लीपर सेल की तलाश जारी रहेगी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के भीतर खलबली मचा दी है। जिस विपक्षी एकजुटता का दावा चुनाव से पहले किया जा रहा था, वह वोटों की गिनती के बाद हवा हो गया। एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की भारी जीत और विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी की करारी हार ने न सिर्फ कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विपक्षी खेमे में गहरे मतभेद और अविश्वास को भी उजागर किया है। अब कांग्रेस ने इस धोखे की जड़ तक जाने का फैसला किया है और उन सांसदों की पहचान के लिए एक आंतरिक जांच शुरू कर दी है, जिन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मतदान किया।

कांग्रेस ने इस चुनाव को विपक्षी एकता की परीक्षा के तौर पर पेश किया था। पार्टी के रणनीतिकारों ने दावा किया था कि विपक्ष के पास 315 सांसदों का ठोस समर्थन है, और सभी एकजुट होकर बी. सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में वोट डालेंगे। लेकिन जब नतीजे आए तो यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ। सुदर्शन रेड्डी को मात्र 300 वोट मिले, जबकि एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले।

यह 152 वोटों का बड़ा अंतर विपक्षी खेमे के लिए किसी झटके से कम नहीं था। 15 सांसदों ने या तो जानबूझकर क्रॉस-वोटिंग की या अपने वोट अमान्य करवा दिए। इस चौंकाने वाले गणित ने कांग्रेस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उसकी अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के भीतर ऐसे कौन से गद्दार हैं जिन्होंने विपक्षी एकता को पलीता लगाने का काम किया।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी अब उन सभी सांसदों की पहचान करने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाने की तैयारी में है, जिन्होंने क्रॉस-वोटिंग की। प्रारंभिक अनुमानों से पता चलता है कि इनमें सिर्फ सहयोगी दलों के ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के अपने सांसद भी शामिल हैं।

सूत्रों का दावा है कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले लगभग 7 सांसद महाराष्ट्र से हो सकते हैं, जिनमें कांग्रेस के 4 और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 3 सांसद शामिल हैं। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की सरकार है, और इस तरह की क्रॉस-वोटिंग वहां की राजनीति में भी दरार को दिखाती है।

इसके अलावा, एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के तमिलनाडु से होने के कारण डीएमके के कुछ वोट भी उन्हें मिलने की प्रबल संभावना है। तमिलनाडु में डीएमके कांग्रेस की एक प्रमुख सहयोगी है, और अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका होगा। वहीं, आम आदमी पार्टी के कुछ सांसदों पर भी शक की सुई घूम रही है, जिनके वोटिंग पैटर्न को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठ रहे हैं।

यह घटना केवल एक चुनाव में हार से कहीं बढ़कर है। यह विपक्षी गठबंधन, जिसे इंडिया गठबंधन के नाम से जाना जाता है, की आंतरिक कमजोरियों को उजागर करती है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले, जहां विपक्षी दल मिलकर भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं उनके इरादों और क्षमताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अगर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस तरह की क्रॉस-वोटिंग को नहीं रोक पाते हैं, तो भविष्य में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों में उनकी एकजुटता और भी कमजोर पड़ सकती है।