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रूसी सेना ने हमला तेज किया हैः बेलौसोव

युद्धविराम पर अब कोई पक्ष कुछ भी नहीं बोल रहा

मॉस्कोः रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान में दावा किया है कि यूक्रेन में रूसी सेना ने अपनी प्रगति की गति में काफी वृद्धि की है। मॉस्को में दिए गए उनके इस बयान ने युद्ध की वर्तमान स्थिति पर एक नई रोशनी डाली है। बेलौसोव के अनुसार, रूसी सैनिक अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा कर रहे हैं।

जहाँ साल की शुरुआत में उनकी सेना हर महीने 300-400 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र अपने नियंत्रण में ले रही थी, वहीं अब यह आँकड़ा बढ़कर 600-700 वर्ग किलोमीटर (लगभग 502 वर्ग मील) प्रति माह हो गया है। यह वृद्धि रूस के सैन्य अभियान में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है, जो यह दर्शाता है कि रूस ने अपनी रणनीति और क्षमताओं को मजबूत किया है।

बेलौसोव ने यह भी बताया कि रूस ने यूक्रेन के सैन्य और औद्योगिक बुनियादी ढाँचे पर सुनियोजित और बड़े हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक 146 बेहद महत्वपूर्ण ठिकानों पर 35 बड़े हमले किए गए हैं, जिनसे यूक्रेन को भारी नुकसान हुआ है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन की सैन्य-औद्योगिक क्षमता को कमजोर करना था।

बेलौसोव ने दावा किया कि इन हमलों के परिणामस्वरूप यूक्रेन के 62 फीसद प्रमुख सैन्य-औद्योगिक उद्यमों के बुनियादी ढाँचे को क्षति पहुँची है। उन्होंने विशेष रूप से उन हमलों का उल्लेख किया जिन्होंने उत्पादन क्षमताओं को कम किया और लंबी दूरी के हमलावर ड्रोनों के लिए रसद केंद्रों और प्रक्षेपण स्थलों को निशाना बनाया। इन हमलों से साफ है कि रूस युद्ध के मैदान से परे जाकर यूक्रेन की युद्ध लड़ने की क्षमता को जड़ से खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

हालाँकि, बेलौसोव ने स्वीकार किया कि रूस को अपनी ड्रोन क्षमताओं को और बेहतर बनाने के लिए काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ड्रोन ऑपरेटरों को तेजी से प्रशिक्षित करना उनकी एक प्रमुख प्राथमिकता है। इसके अलावा, उन्होंने सामरिक समूहों की गति को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, रूस अपनी सेना को नई और हल्की गाड़ियों से लैस कर रहा है। बेलौसोव के अनुसार, इस साल अब तक 22,725 मोटरसाइकिलें, क्वाड बाइक और बग्गी सेना को सौंपी जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि साल के अंत तक 12,186 और ऐसी गाड़ियाँ सेना को दी जाएँगी, जिससे सैनिकों की गतिशीलता और युद्धक्षेत्र में उनकी प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।

यह ध्यान देने योग्य है कि रॉयटर्स ने बेलौसोव द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। युद्ध के दौरान दोनों पक्ष अक्सर अपने दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, इसलिए इन आँकड़ों को सावधानीपूर्वक देखने की आवश्यकता है। फिर भी, बेलौसोव का यह बयान रूस के इरादों और वर्तमान में अपनाई जा रही रणनीतियों को दर्शाता है, जिसमें ड्रोन तकनीक और सैनिकों की गतिशीलता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।