मोदी की ब्राज़ील के राष्ट्रपति से एक घंटे की फ़ोन कॉल
ब्राजिलियाः ब्राजिल के राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ करीब एक घंटे तक फोन में बातचीत की। इस बारे में समझा जा रहा है कि यह बातचीत अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर ही रही होगी। अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल आयात पर जुर्माने के तौर पर 25 प्रतिशत का और टैक्स लगाया।
अमेरिका ने ब्राज़ील पर भी 50 प्रतिशत टैक्स लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने इस संदर्भ में क्या किया जाए, इस पर लगभग एक घंटे तक फ़ोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे का सहयोग करने का फ़ैसला किया।
ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देशों ने ‘एकतरफ़ा टैरिफ़ लगाए जाने’ के बाद ‘अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक स्थिति’ पर चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि भारत और ब्राज़ील, दो ‘प्रभावित’ देश, इस स्थिति से निपटने के लिए सबसे बड़ी एकजुटता ‘बनाने’ पर ज़ोर दे रहे हैं। ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने दावा किया कि वह अगले साल की शुरुआत में उस देश के उपराष्ट्रपति के साथ भारत आएँगे।
मुख्य ध्यान व्यापार पर होगा। उस देश के मंत्री और व्यवसायी भी मौजूद रहेंगे। खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य और डिजिटल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। लूला ने आगे दावा किया कि दोनों देशों के बीच 2030 तक अर्थव्यवस्था को 20 अरब डॉलर से ज़्यादा तक बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा ब्राज़ील पर टैरिफ़ लगाने की घोषणा के बाद लूला ने पहले कहा था कि वह ट्रंप के साथ बातचीत का रास्ता नहीं अपनाएँगे। उन्होंने कहा था कि वह भारत के साथ बातचीत करेंगे। ठीक उसी समय ब्राज़ील से भारत को एक बुलावा आया। अगले कदमों पर चर्चा हुई। दूसरी ओर, अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों के बारे में भारत ने कहा कि ‘यह अतिरिक्त कर अनुचित है।’
मोदी ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने इससे पहले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्राज़ील के राष्ट्रपति से मुलाक़ात की थी। उसके बाद, फ़ोन कॉल पर आपसी सहयोग पर ‘अच्छी चर्चा’ हुई। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राज़ील ऊर्जा, व्यापार से लेकर स्वास्थ्य, तकनीक और रक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एक-दूसरे की रणनीतिक मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मोदी का दावा है कि दक्षिण के देशों को भी इससे फ़ायदा होगा। भारत से ख़बरें आई हैं कि मोदी को पहला फ़ोन ब्राज़ील से आया था। समझा जाता है कि दोनों देश कृषि के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे। इसके अलावा, बैठक में विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।