Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आईएसआईएल से जुड़े आतंकी मॉड्यूल को धर दबोचा Deep Narayan Singh Yadav: सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की बढ़ी मुश्किलें, लखनऊ-झांसी में... Narmada Award Dispute: 4 राज्यों के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, अमित शाह की मौजूदगी में सुलझा सालों पुर... Alliance Reality Show: कुशाल टंडन से भिड़ीं उर्फी की बहन डॉली जावेद, शो में मचा बवाल पैसे और धमकियों से प्रवासियों को खपा रहा अमेरिका Monsoon Car Care Tips: बारिश में अपनी कार को जंग और हादसों से कैसे बचाएं? अपनाएं ये आसान टिप्स Ram Mandir Trust: SBI खातों के संचालन के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित, बिना हस्ताक्षर नहीं निकलेगा पैसा होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर मिसाइल हमला चीन का सबमरीन-लॉन्च मिसाइल परीक्षण बारिश का कहर बांग्लादेश के रोहिंग्या  शरणार्थी शिविरों पर

कालजयी आवाज आशा भोंसले का मुंबई में निधन

बीमार होने पर अस्पताल में दाखिल कराया गया था उन्हें

  • लता मंगेशकर की छोटी बहन थी वह

  • सीने में संक्रमण की बीमारी हो गयी थी

  • फिल्मी गायकी की एक पीढ़ी का अंत हुआ

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: भारतीय संगीत जगत के एक स्वर्ण युग का अंत हो गया है। अपनी जादुई आवाज और ऊर्जावान गायन शैली से सात दशकों से अधिक समय तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोंसले का 92 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। संगीत जगत में आशा ताई के नाम से लोकप्रिय इस महान कलाकार ने शनिवार शाम को मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी पोती जनाई भोंसले के अनुसार, उन्हें सीने में संक्रमण और अत्यधिक थकान के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

आशा भोंसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में एक संगीत प्रेमी परिवार में हुआ था। वह महान शास्त्रीय गायक पंडित दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा जी का करियर लगभग आठ दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने न केवल बॉलीवुड बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और कई विदेशी भाषाओं में हजारों गाने गाए। उनके नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में संगीत इतिहास में सबसे अधिक स्टूडियो रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में दर्ज है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, उनकी असाधारण संगीतमय यात्रा ने दशकों तक हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। आशा जी की बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शास्त्रीय संगीत, गजल और भजनों से लेकर पॉप और कैबरे जैसे हर शैली के गीतों को अपनी अनूठी ऊर्जा प्रदान की।

उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार और भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दो बार ग्रैमी पुरस्कारों के लिए नामांकन प्राप्त कर वैश्विक स्तर पर भारतीय संगीत का गौरव बढ़ाया। उनका जाना भारतीय कला क्षेत्र के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा, लेकिन उनके सदाबहार गीत आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।