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कुछ तो कहो चुप न रहो.. .. .. ..

आगामी मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और इंडिया गठबंधन ने मोदी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। गठबंधन शनिवार शाम को एक बड़ी बैठक करेगा, जिसमें उन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जिन्हें संसद में उठाया जाएगा। विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर से लेकर एयर इंडिया विमान दुर्घटना तक, कम से कम सात ऐसे सवाल हैं जिन पर सरकार से जवाब मांगेगा।

बिहार में वोटर लिस्ट सत्यापन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पहले से ही हमलावर है, और चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठा रहा है। यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, हालांकि कोर्ट ने चुनाव आयोग को राहत देते हुए बिहार में सत्यापन जारी रखने का आदेश दिया था। विपक्ष अब भी इस पर सरकार को घेरेगा।

इस साल बिहार में चुनाव होने हैं, और राज्य की कानून व्यवस्था पर सियासी घमासान तेज है। कांग्रेस सहित विपक्ष लगातार नीतीश सरकार से सवाल कर रहा है कि बिहार में ‘सुशासन’ है या ‘अपराध का राज’। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर इंडिया गठबंधन सरकार पर हमलावर रहेगा।

राहुल गांधी पहले ही चुनाव आयोग को भाजपा की कठपुतली बता चुके हैं और महाराष्ट्र चुनाव में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी तथा चुनाव चोरी का आरोप लगाते हुए बिहार में भी ऐसी ही कोशिश का आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए उसे भाजपा की दलाली करने वाला बताया है। विपक्ष इन आरोपों पर सरकार से जवाब मांगेगा।

विपक्ष पहलगाम आतंकी हमले पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस पहले ही सवाल उठा चुकी है कि हमले के जिम्मेदार अब तक क्यों नहीं पकड़े गए और उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ऑपरेशन सिंदूर के तहत वीर जवानों के बढ़ते कदमों के बावजूद ट्रंप के संदेश के बाद सीजफायर क्यों हुआ, विपक्ष इस पर चर्चा की मांग करेगा।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर में विमानों को हुए नुकसान पर कई बार सवाल उठाए हैं। उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर की चुप्पी पर भी आरोप लगाए थे। विपक्ष इन लड़ाकू विमानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार पर हावी होने की तैयारी में है।

एयर इंडिया विमान दुर्घटना के मामले में विपक्ष सरकार से जांच की प्रगति और एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट की पारदर्शिता पर सवाल करेगा। विपक्ष इस गंभीर मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

जम्मू-कश्मीर अभी केंद्र शासित प्रदेश है, और कांग्रेस पार्टी सहित महागठबंधन इसे फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर जोर देगा। विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार ने कई बार इसे पूर्ण राज्य बनाने की बात कही है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।

इसी बात पर फिल्म धक्का के यह गीत याद आ रहा है। इस गीत को अनु मलिक ने संगीत में ढाला था और इसे प्राजक्ता शुक्रे ने गाया था। गीत के बोल इस तरह हैं।

कुछ तो कहो चुप न रहो दिल को ज़रा कहने तो दो
कुछ तो कहो चुप न रहो दिल को ज़रा कहने तो दो
मिट जायेंगी खामोशिया दिल की सदा सुनाने तो दो
कुछ तो कहो चुप न रहो दिल को ज़रा कहने तो दो

तुम चाँदनी का आँचल सजा दो सजा दूंगा
पलकों पे मेरी काजल सजा दो सजा दूंगा
धड़कन के घुंगरू बेहके है तुमसे
चाहत से अपनी हर पल सजा दो सजा दूंगा

बहके हुए ये पल जो है इनको ज़रा रुक्ने तो दो
कुछ तो कहो चुप न रहो दिल को ज़रा कहने तो दो
तुम्हे जान बनकर मै दिल में बसा लू बसा लो ना
लबो से तुम्हारी मै शबनम चुरा लूँ चुरा लो ना

अरमान दिल के ये कहने लगे है तुम्हे आज अपनी मई
दुल्हन बना लूँ बना लो ना अब तक मोहब्बत का दरिया
थामा था उसको ज़रा बहने तो दो

कुछ तो कहो चुप न रहो दिल को ज़रा कहने तो दो
मिट जायेंगी खामोशिया दिल की सदा सुनाने तो दो
कुछ तो कहो चुप न रहो दिल को ज़रा कहने तो दो।

अब संसद के अंदर बैठे होंगे तो सवाल तो अनसुना भी नहीं कर सकते। भले ही पिछली बार की तरह कपिल सिब्बल की सीट से पचास हजार रुपये की बरामदगी और मकर द्वार के सामने धक्का मुक्की की नौबत आ गयी तो कुछ नहीं कह सकते। फ्लाइंग किस वाली सिलेंडर मैडम तो अब सदन में नहीं हैं सो बवाल कम ही होगा।

वैसे एक सवाल को दिमाग से उतर ही गया था कि आखिर साहब मणिपुर कब जाएंगे। अब तक नहीं गये तो उसकी क्या मजबूरी है। किसी ने सदन के भीतर फिर से यह सवाल अविश्वास प्रस्ताव जैसी किसी चाल के जरिए पूछ लिया तो आगे क्या होगा। कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि सवाल अधिक होंगे पर उनका जबाव क्या और कैसा होगा, यह देखने वाली बात होगी।