ईडी की छापामारी में और नई जानकारियां सामने आयी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः धर्मांतरण रैकेट से जुड़े एक बड़े खुलासे में, प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को छांगुर उर्फ जमालुद्दीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने उत्तर प्रदेश और मुंबई में 14 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। इस जांच में अब धर्मांतरण रैकेट का विदेशी कनेक्शन भी सामने आया है, जिससे पता चलता है कि इसके तार सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं हैं।
ईडी की टीम ने मुंबई में जब शहजाद शेख के घर पर छापा मारा, तो उसके मोबाइल फोन में क्रोएशिया की करेंसी (कूना) की एक तस्वीर मिली। यह सबूत स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि इस धर्मांतरण रैकेट की जड़ें विदेशों तक फैली हुई हैं और इसमें विदेशी मुद्रा का भी इस्तेमाल किया गया है। शहजाद शेख को नवीन का करीबी बताया जा रहा है, जिसे जमालुद्दीन का राजदार कहा जाता है। ईडी ने शहजाद द्वारा बेची गई जमीन और अन्य लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी जुटाई है, जो इस रैकेट के वित्तीय नेटवर्क को समझने में मदद करेगी।
छापेमारी के दौरान ईडी को छांगुर उर्फ बाबा, उसके बेटे, राजदार नवीन और नीतू से जुड़ी 40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। इन सभी संपत्तियों को अगले दो से तीन सप्ताह में अटैच करने की तैयारी चल रही है, जो इस रैकेट के अवैध धन को जब्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। ईडी ने बाबा के घर, उसके बेटे के मकान, नवीन और नीतू की संपत्तियों के कागजात जब्त कर लिए हैं।
वर्तमान में, ईडी की टीम जब्त किए गए मोबाइल फोन के डेटा को खंगाल रही है, जिससे इस रैकेट के बारे में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस धर्मांतरण रैकेट के लिए पैसा विदेशों से भी आता था और इसका नेटवर्क देश के बाहर भी फैला हो सकता है। यह जांच अब एक अंतरराष्ट्रीय आयाम ले चुकी है, जिससे यह समझना बाकी है कि इस रैकेट में कौन-कौन से विदेशी तत्व शामिल हैं और कितनी बड़ी धनराशि का आदान-प्रदान किया गया है। ईडी की यह कार्रवाई इस धर्मांतरण रैकेट के पीछे के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।