अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर जोरदार झड़प
इस्लामाबादः पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान से देश में घुसने की कोशिश कर रहे 30 आतंकवादियों को मार गिराया, सेना ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सेना ने बताया कि पाकिस्तानी तालिबान के सदस्यों को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में रात में देखा गया और सैनिकों ने आतंकवादियों से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक जब्त किए।
सेना के बयान में यह नहीं बताया गया कि गोलीबारी हुई या ऑपरेशन के बारे में अन्य विवरण। सेना ने आरोप लगाया कि आतंकवादियों को भारत का समर्थन प्राप्त है और उसने अफगान सरकार से पाकिस्तान पर हमला करने के लिए विदेशी प्रॉक्सी द्वारा अपने क्षेत्र का उपयोग करने से रोकने के लिए कहा। भारत पहले ही इस किस्म की आतंकवादी कार्रवाइयों में शामिल होने के आरोपों से इंकार कर चुका है। उल्टे उसने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
पाकिस्तानी अधिकारी अक्सर भारत पर बलूच लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तानी तालिबान जैसे गैरकानूनी समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाते हैं जो पाकिस्तान में हिंसा करते हैं। अप्रैल में भारत नियंत्रित कश्मीर में गोलीबारी के बाद से इस तरह के आरोपों में वृद्धि हुई है, जिससे परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सफल अभियान के लिए सुरक्षा बलों की प्रशंसा की। पाकिस्तानी सैनिकों ने अप्रैल में इसी क्षेत्र में 54 विद्रोहियों को मार गिराया था। हाल के महीनों में पाकिस्तान में उग्रवादी हिंसा में वृद्धि हुई है, जिसका अधिकांश दोष पाकिस्तानी तालिबान पर है। यह समूह अफ़गान तालिबान से अलग है, लेकिन उनके साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद से इसके कई नेताओं और लड़ाकों ने अफ़गानिस्तान में शरण ली है।
दूसरी तरफ अफगानिस्तान के तालिबान शासन को रूस द्वारा मान्यता दिये जाने से इस क्षेत्र के समीकरण बदल गये हैं। पाकिस्तान का एक पड़ोसी ईरान पहले से ही रूस के पक्ष में है और यूक्रेन युद्ध में हथियार उपलब्ध कराये हैं। पाकिस्तान की अमेरिका से नजदीकी होने के बीच ही यह समीकरण दूसरे किस्म की कूटनीतिक उलझन पैदा कर रहा है जबकि पाकिस्तान के तीन पड़ोसियों के साथ उसका रिश्ता बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है।