हुमायूं कबीर के साथ लड़ेगी अपना पार्टीः ओबैसी
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए हुमायूँ कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन की घोषणा की है। हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में कबीर की पार्टी के साथ मिलकर मैदान में उतरेगी और इस गठबंधन की औपचारिक रूपरेखा साझा करने के लिए वे 25 मार्च को कोलकाता में एक संयुक्त प्रेस वार्ता करेंगे।
पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और एजेयूपी के संस्थापक हुमायूँ कबीर ने इस गठबंधन के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि उनका गठबंधन राज्य की कुल 294 सीटों में से 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इस समझौते के तहत ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम लगभग 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। कबीर ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें रानीनगर और भगवानगोला जैसी महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह नया राजनीतिक समीकरण राज्य के चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को होगा, जिसमें 152 निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा। मतगणना 4 मई 2026 को निर्धारित की गई है। राज्य में इस बार कुल मतदाताओं की संख्या 6.45 करोड़ से अधिक है, जिनमें 5.23 लाख से ज्यादा युवा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पिछले एक दशक से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। 2021 के पिछले चुनावों में मुख्य मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच रहा था, जबकि कांग्रेस और वामपंथी दलों का खाता भी नहीं खुल सका था। ऐसे में ओवैसी और हुमायूँ कबीर का यह गठबंधन विशेष रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सत्तारूढ़ टीएमसी के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि यह गठबंधन विपक्षी वोटों के ध्रुवीकरण को किस हद तक प्रभावित करता है।