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गुप्तांग में संक्रमण था, डॉक्टर ने बिना बताए गुप्तांग काटा

पीड़ित युवक ने मुख्यमंत्री के पास की शिकायत

  • बेहोश रप ऑपरेशन कर दिया गया

  • डाक्टर अब मिलने से कतरा रहा है

  • गुंगर थाना में दर्ज है शिकायत

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी:असम के सिलचर में एक डॉक्टर ने कथित तौर पर बायोप्सी के नाम पर 28 साल के लड़के का प्राइवेट पार्ट काट दिया। पीड़ित का नाम अतीकुर रहमान बताया जा रहा है। उनके प्राइवेट पार्ट इन्फेक्शन हो गया था जिसका इलाज कराने के लिए वे आरोपी डॉक्टर ईडन सिन्हा के पास गए थे। उन्होंने ईडन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है । साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री से भी एक्शन लेने की मांग की है ।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना सिलचर के गुंगुर पुलिस थाने की है। यहीं के आर ई प्राइवेट हॉस्पिटल में अतीकुर अपना इलाज करा रहे थे।अतीकुर, मणिपुर के जिरीबाम के रहने वाले हैं। हाल में उन्हें प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। जहां जांच के बाद आरोपी डॉक्टर ईडन सिन्हा ने उन्हें बायोप्सी टेस्ट कराने को कहा।

अतीकुर की बायोप्सी होनी थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि बायोप्सी के नाम पर उन्हें ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया जहां आरोपी डॉक्टर ने उनकी अनुमति के बिना प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन कर दिया और उसे काट दिया। ऑपरेशन के तुरंत बाद अतीकुर को इसका पता नहीं चला, लेकिन ड्रेसिंग को हटाने के बाद वो हैरान रह गए।अतीकुर ने आरोप लगाए कि उन्होंने आरोपी डॉक्टर से मिलने की कोशिश की लेकिन हॉस्पिटल के स्टाफ ने उन्हें मिलने से रोक दिया।  इसके बाद उन्होंने गंगुर थाने में डॉ ईडन सिन्हा के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।

खबर के मुताबिक, अतीकुर ने बताया, अब मैं असहाय हूं और मुझे नहीं पता कि क्या करना चाहिए। मेरी जिंदगी खत्म हो गई है. मैंने कई बार डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरी कॉल का जवाब तक नहीं दिया। मैं मानसिक रूप से परेशान हूं और सर्जरी के कारण मुझे परेशानी हो रही है।

ब्रह्मपुत्र में नई प्रजाति की मछली की खोज

दूसरी और,असम के डिब्रूगढ़ जिले के मैजान में ब्रह्मपुत्र नदी में साइप्रिनिड मछली की एक नई प्रजाति की खोज की गई है, जो पूर्वोत्तर भारत की नदी प्रणालियों की इचिथियोफ़ॉनल विविधता में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को चिह्नित करती है।

इस प्रजाति का नाम इसके उद्गम स्थान के संदर्भ में पेथिया डिब्रूगढ़ेंसिस रखा गया है। यह खोज ब्रह्मपुत्र के मीठे पानी के जीव सर्वेक्षण के दौरान की गई थी, जिसे केंद्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, गुवाहाटी क्षेत्रीय केंद्र; बैरकपुर; और मणिपुर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा किया गया था।

निष्कर्ष हाल ही में स्प्रिंगर नेचर द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहकर्मी-समीक्षित पत्रिका नेशनल एकेडमी साइंस लेटर्स में प्रकाशित किए गए थे।समग्र विश्व में एक ही जगह ब्रह्मपुत्र में यह मछली खोज किया गया है।

विश्व में यह नया मछली आ गया है। इस शोध का नेतृत्व करने वाले के निदेशक बसंत कुमार दास ने कहा, यह खोज उस अविश्वसनीय जैव विविधता को उजागर करती है, जिसका अभी भी ब्रह्मपुत्र बेसिन में पता लगाया जाना बाकी है।

हमारे द्वारा पहचानी गई प्रत्येक नई प्रजाति हमें पूर्वोत्तर के जटिल जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है। पर्यावरणीय परिवर्तनों से होने वाले खतरों का सामना करने से पहले इन प्रजातियों का दस्तावेजीकरण और सुरक्षा करने के लिए इस तरह के व्यवस्थित सर्वेक्षण आवश्यक हैं। शोध दल में गुवाहाटी से नीति शर्मा और सिमंकू बोराह, साथ ही मीठे पानी के वर्गीकरण विज्ञानी डब्ल्यू विश्वनाथ और मणिपुर विश्वविद्यालय से पेथिया विशेषज्ञ एम दिशमा शामिल थे।