Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नसों में जमी गंदगी को साफ कर देंगे ये 5 देसी नुस्खे, आज से ही डाइट में करें शामिल हथेली का यह काला तिल बना सकता है आपको करोड़पति, जानें क्या कहता है आपका भाग्य ईरान में मौत का साया: खामेनेई सरकार ने प्रदर्शनकारियों को दी फांसी की धमकी, खूनी संघर्ष जारी भारतीय कानून के आगे झुका X: ग्रोक की गलती सुधारी, 600+ विवादित अकाउंट्स पर गिरी गाज गुजरात में हिल्सा की अप्रत्याशित बहार टीएमसी के आक्रामक तेवर से अब भयभीत है ईडी क्या बंगाल की खाड़ी में बन रहा है 2026 का पहला चक्रवात हमने भाजपा के लिए भी काम किया है:  प्रतीक जैन भारत ने वाणिज्य सचिव के बयान का खंडन किया तालिबान राजनयिक ने दिल्ली में संभाली कमान

पाकिस्तानी महिला जासूस के सूचनाएं देता था क्लर्क

नौसेना मुख्यालय का विशाल यादव गिरफ्तार

जयपुरः नौसेना मुख्यालय के क्लर्क को पाकिस्तानी महिला जासूस से संपर्क करने और सूचनाएं लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। नौसेना मुख्यालय में कार्यरत एक सिविल क्लर्क को पाकिस्तानी जासूसों को सूचनाएं लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान विशाल यादव के रूप में हुई है, जिसे राजस्थान पुलिस की खुफिया शाखा ने बुधवार को गिरफ्तार किया। हरियाणा के रेवाड़ी जिले का निवासी विशाल डॉकयार्ड निदेशालय में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत था। वह दिल्ली स्थित नौसेना मुख्यालय में तैनात था।

राजस्थान पुलिस के आईजी (सीआईडी-सिक्योरिटी) विष्णुकांत गुप्ता ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की एक महिला जासूस के संपर्क में था। महिला ने अपना नाम प्रिया शर्मा बताया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि महिला ने विशाल को भारतीय नौसेना की विभिन्न रणनीतिक सूचनाओं के लिए बड़ी रकम का लालच दिया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में पता चला है कि विशाल ऑनलाइन गेम का आदी था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इसके लिए उसने पैसे जुटाने के लिए सूचनाओं की तस्करी शुरू कर दी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ताओं के ध्यान में कई संदिग्ध लेन-देन भी आए हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि उसके पास क्रिप्टोकरेंसी और सीधे बैंक खातों दोनों के जरिए पैसा आ रहा था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार विशाल के मोबाइल की फोरेंसिक जांच पहले ही हो चुकी है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ कई सबूत मिले हैं। इसमें गिरफ्तार किए गए मोबाइल के चैट रिकॉर्ड और कुछ अन्य डिजिटल दस्तावेज शामिल हैं। फोरेंसिक जांच के आधार पर जांचकर्ताओं को संदेह है कि विशाल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उससे पहले सूचनाओं की तस्करी की होगी। फिलहाल, राजस्थान के जयपुर में कई जांच एजेंसियां ​​उससे पूछताछ कर चुकी हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह की सूचनाओं की तस्करी की गई और क्या इसमें कोई और भी शामिल है।