स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में उछाल
लखनऊः बलिया के नगरा, सलेमपुर, तुर्की दौलतपुर, कसौंडर और दैलमनमधौकी पुर जैसे क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में असाधारण वृद्धि देखी जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि जहां पहले उनका मासिक बिल 350 से 500 रुपया के बीच आता था, वहीं अब यह दोगुना हो गया है, जिससे उनमें व्यापक असंतोष है।
उपभोक्ता जब इस संबंध में बिजली विभाग से शिकायत कर रहे हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर में कोई खराबी नहीं है और बिल बिजली की वास्तविक खपत के आधार पर ही तैयार हो रहा है। यह स्थिति उन उपभोक्ताओं के लिए और भी निराशाजनक है जो पहले सामान्य मीटरों में स्वयं रीडिंग लेकर बिल बनाने की सुविधा का लाभ उठा रहे थे।
इन पांच उपकेंद्रों के 29,000 विद्युत उपभोक्ताओं में से अब तक 4,300 घरों और प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इनमें से कई उपभोक्ता बढ़ी हुई बिल राशि को लेकर शिकायत कर चुके हैं।
सोनाडी के निवासी गौतम तिवारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनका बिल करीब 300 आता था, लेकिन अब यह बढ़कर 1250 रुपये प्रति माह तक पहुंच गया है। इसी तरह, निर्भय प्रकाश ने शिकायत की कि अत्यधिक बिल की शिकायत पर विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
नगरा के एसडीओ अशोक कुमार ने स्वीकार किया है कि कुछ उपभोक्ताओं से बिल बढ़कर आने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन शिकायतों की जांच की जाएगी और उपभोक्ताओं को संतुष्ट किया जाएगा। एसडीओ ने यह भी कहा कि विभाग ने बिलिंग प्रणाली में पूरी तरह से पारदर्शिता सुनिश्चित की है। यह खबर क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि विभाग जल्द ही इस समस्या का कोई संतोषजनक समाधान निकालेगा।
इससे पहले पश्चिम बंगाल में शिकायत मिलने के बाद वहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है। दूसरी तरफ कर्नाटक के उपभोक्ताओं ने पाया है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं है और इसे जबरन उपभोक्ताओं पर थोपा जा रहा है।