इजरायल ने आपरेशन राइजिंग लॉयन की औपचारिक घोषणा की
तेहरानः ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के प्रमुख हुसैन सलामी की इसराइली हमले में मौत हो गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इसराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों में कई उच्च-रैंकिंग अधिकारी मारे गए हैं। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने हाल ही में हुए इसराइली हमलों में मारे गए दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों के नाम भी जारी किए हैं।
इनमें परमाणु ऊर्जा संगठन के पूर्व प्रमुख फिरेदून अब्बासी और तेहरान स्थित इस्लामिक आज़ाद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मोहम्मद मेहदी तेहरानची शामिल हैं। गौरतलब है कि फिरेदून अब्बासी पर 2010 में तेहरान में एक हत्या का प्रयास भी हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बचे थे।
इसराइल ने स्वीकार किया है कि उसने ईरान के परमाणु कार्यक्रमों से जुड़े ठिकानों और अन्य सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने नतांज परमाणु संयंत्र में एक नए विस्फोट की भी सूचना दी है, जो तेहरान से लगभग 225 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर ईरान पर हुए हमलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हमले में ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम के मुख्य केंद्र पर हमला किया गया है। यह हमला ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 225 किलोमीटर दक्षिण में स्थित ईरानी शहर नतांज में किया गया है, जो ईरान का मुख्य संवर्धन केंद्र है।
ईरान ने अप्रैल 2021 में इसी केंद्र पर हुए साइबर हमले के लिए इसराइल को दोषी ठहराया था। नेतन्याहू ने आगे कहा कि इसराइल ने ईरानी बम पर काम कर रहे वैज्ञानिकों को निशाना बनाया था। उन्होंने स्पष्ट किया, ये हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसराइल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया है, जिसे उन्होंने इसराइल के अस्तित्व के लिए ईरानी खतरे को कम करने के लिए एक लक्षित सैन्य अभियान बताया।
नेतन्याहू के अनुसार, हाल के महीनों में ईरान ने ऐसे कदम उठाए हैं जो उसने पहले कभी नहीं उठाए थे, यानी संवर्धित यूरेनियम से हथियार बनाने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसे नहीं रोका गया तो ईरान बहुत ही कम समय में परमाणु हथियार बना सकता है। इसमें कुछ महीने या एक साल से भी कम समय लग सकता है। यह इसराइल के अस्तित्व के लिए एक स्पष्ट और मौजूदा खतरा है।
इसराइली प्रधानमंत्री ने परमाणु कार्यक्रम वार्ता पर अपने नेतृत्व के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि ट्रंप ने बार-बार स्पष्ट किया है कि ईरान परमाणु संवर्धन कार्यक्रम नहीं चला सकता। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को संघर्ष से बचने की उम्मीद जताई थी, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वॉशिंगटन इन हमलों में शामिल नहीं है।