विदेश मंत्री एस जयशंकर की पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी
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यूरोप के दौरे पर गये हैं विदेश मंत्री
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आतंकवादियों का प्रशिक्षण वहां जारी है
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इस विषय पर भारत का स्टैंड साफ है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि वह भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखता है, तो भारत उसकी सीमा में घुसकर हमला करने से गुरेज नहीं करेगा। जयशंकर ने यह बात यूरोप यात्रा के दौरान कही, जहां उन्होंने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को मजबूती से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहलगाम जैसे बर्बर आतंकवादी हमलों की स्थिति में, भारत चुप नहीं बैठेगा और सीधे तौर पर आतंकवादी संगठनों तथा उनके सरगनाओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।
जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान हजारों आतंकवादियों को खुले में प्रशिक्षित कर रहा है और उन्हें भारत पर छोड़ रहा है। उन्होंने सोमवार को कहा, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए हमारा उन्हें संदेश है कि अगर आप अप्रैल में की गई बर्बरतापूर्ण हरकतों को जारी रखते हैं, तो आपको जवाबी कार्रवाई करनी होगी और यह जवाबी कार्रवाई आतंकवादी संगठनों और आतंकवादी नेतृत्व के खिलाफ होगी। यह बयान भारत की दृढ़ता को दर्शाता है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
यह चेतावनी 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आई है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इस जघन्य हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। जवाबी कार्रवाई में, भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ के तहत सटीक हमले किए थे। इन हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक जमीनी शत्रुता जारी रही, जो 10 मई को दोनों पक्षों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच हुई वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने की सहमति के साथ समाप्त हुई।
हालांकि, जयशंकर ने यह भी चेतावनी दी है कि भले ही सैन्य कार्रवाई रुक गई हो, लेकिन संघर्ष के मूल कारण अपरिवर्तित बने हुए हैं। उन्होंने विदेशी मीडिया के हवाले से कहा, यह (पाकिस्तान) एक ऐसा देश है जो आतंकवाद को राज्य की नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने में बहुत डूबा हुआ है। यही पूरा मुद्दा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या पिछले महीने युद्ध छिड़ने की वजह बनने वाली स्थितियां अभी भी मौजूद हैं, तो उन्होंने साफ कहा: यदि आप आतंकवाद के प्रति प्रतिबद्धता को तनाव का स्रोत कहते हैं, तो निश्चित रूप से ऐसा है।
जयशंकर के बयान से यह स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई ढिलाई नहीं बरतेगा और पाकिस्तान की धरती से होने वाली किसी भी आतंकवादी गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करना बंद नहीं करता, तब तक क्षेत्र में शांति और स्थिरता की संभावना कम ही रहेगी।
नुकसान के बारे में पूछे जाने पर, श्री जयशंकर ने कहा कि संबंधित अधिकारी तैयार होने पर इस मामले पर संवाद करेंगे, जो यह दर्शाता है कि भारत अपनी कार्रवाइयों के बारे में पूरी पारदर्शिता बनाए रखेगा, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में संकोच नहीं करेगा। यह बयान वैश्विक समुदाय के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर गंभीर है और इस चुनौती से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।