Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अत्यधिक ताप सहने वाला नया चिप तैयार Bengal Election 2026: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, इस सीट से TMC उम्मीदवार का नामांकन रद्द; जानें अब कि... Mathura Boat Accident Video: मौत से चंद लम्हे पहले 'राधे-राधे' का जाप कर रहे थे श्रद्धालु, सामने आया... पाकिस्तान: इस्लामाबाद में अघोषित कर्फ्यू! ईरान-यूएस पीस टॉक के चलते सुरक्षा सख्त, आम जनता के लिए बुन... Anant Ambani Guruvayur Visit: अनंत अंबानी ने गुरुवायुर मंदिर में किया करोड़ों का दान, हाथियों के लिए... पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी का बड़ा दांव! जेल से रिहा होते ही मैदान में उतरा दिग्गज नेता, समर्थकों ने... Nashik News: नासिक की आईटी कंपनी में महिलाओं से दरिंदगी, 'लेडी सिंघम' ने भेष बदलकर किया बड़े गिरोह क... EVM Probe: बॉम्बे हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, पहली बार दिया EVM जांच का आदेश; जानें मुंबई विधानसभा ... Rajnath Singh on Gen Z: 'आप लेटेस्ट और बेस्ट हैं', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Gen Z की तारीफ में पढ... SC on Caste Census: जाति जनगणना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिकाकर्ता को फटकार लगा CJI...

अमरपुर थानाध्यक्ष विक्की कुमार निलंबित, कर्तव्य में लापरवाही का मामला

जनता दरबार के बाद डीजीपी के निर्देश को आईजी ने दी प्राथमिकता

  • बांका जिला के मामले में थी शिकायत

  • शिकायत पर विभागीय जांच भी हुई थी

  • निलंबन के बाद लाइन हाजिर किये गये

दीपक नौरंगी

भागलपुरः बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए, पुलिस मुख्यालय जनता की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में, पुलिस महानिदेशक  के जनता दरबार में पहुंचे एक मामले की जांच के बाद, भागलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  विवेक कुमार ने अमरपुर थाना के पुoनि विक्की कुमार को कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित  कर दिया है। यह कार्रवाई एक गंभीर संदेश देती है कि पुलिस प्रशासन में लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के मोगलानीचक, सलेमपुर निवासी प्रयाग साह ने पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रयाग साह का आरोप था कि युवा शाखा सलेमपुर से 2017 में लिए गए 5 लाख रुपये के सीसी ऋण को कोरोना के कारण समय पर चुका नहीं पाने पर, अमरपुर पुलिस ने उन्हें 10 जुलाई 2024 को उनके घर से जबरन उठा लिया। पीड़ित के अनुसार, उन्हें गिरफ्तारी वारंट  नहीं दिखाया गया और दरोगा विक्की कुमार ने उन्हें 48 घंटे तक भूखे-प्यासे हिरासत में रखा।

निलंबन आदेश  के अनुसार, विक्की कुमार ने गिरफ्तार वारंटी प्रयाग साह को सक्षम दंडाधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं किया और उन्हें सलेमपुर के शाखा प्रबंधक को सौंप दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार वारंटी को 40 घंटे तक पुलिस अभिरक्षा में रखने के बाद मुक्त कर दिया गया, और यह गिरफ्तारी व रिहाई थाना की स्टेशन डायरी में भी दर्ज है। यह कार्रवाई तब हुई जब थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा एक वाद से संबंधित सुनवाई के लिए पटना गए हुए थे, और विक्की कुमार थानाध्यक्ष के प्रभारी थे।

डीजीपी के निर्देश पर, आईजी विवेक कुमार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक अलग टीम गठित की। बांका एसपी के माध्यम से डीएसपी  ने जांच की और सारी सच्चाई सामने आ गई। जांच में स्पष्ट रूप से पाया गया कि दरोगा विक्की कुमार का कृत्य मनमाना, स्वेच्छाचारी और कर्तव्यहीनता का परिचायक था।

इस गंभीर लापरवाही के मद्देनजर, डीआईजी ने पहले संबंधित दरोगा से स्पष्टीकरण भी मांगा था। यह घटना पुलिस मुख्यालय की उस नीति को दर्शाती है, जहां डीजीपी सीधे जनता से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं और उनकी जांच रेंज के डीआईजी या आईजी से करवाते हैं। कभी-कभी सीनियर एसपी भी ऐसे मामलों की जांच करते हैं।

इस मामले ने एक बार फिर स्टेशन डायरी के महत्व को रेखांकित किया है। पुलिस मुख्यालय के नियमों के अनुसार, पूरे बिहार में स्टेशन डायरी अब ऑनलाइन है। बावजूद इसके, अभी भी कई थानों में स्टेशन डायरियां लंबित होने की शिकायतें मिलती हैं। यदि किसी थाने में डायरी लंबित रखी जा रही है, तो यह एक गंभीर मामला है, क्योंकि कई बड़े मामलों में थाना प्रभारियों द्वारा स्टेशन डायरी के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है।

आज के समय में, स्टेशन डायरी का महत्व थाने में दर्ज होने वाले केस से भी अधिक माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रारंभिक रूप से सभी घटनाओं का उल्लेख होता है। प्रभारी अधिकारियों द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी और पुलिस मुख्यालय में शिकायतें पहुंचने पर तुरंत जांच और कार्रवाई का होना आम जनता के लिए एक बेहतर संदेश है। यह दर्शाता है कि न्याय की गुहार लगाने वालों को सुना जा रहा है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

विक्की कुमार को निलंबित कर पुलिस लाइन में हाजिर कर दिया गया है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि बिहार पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया जा रहा है। क्या आपको लगता है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयां पुलिसकर्मियों के बीच कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा देंगी।