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प्रधानमंत्री मोदी ने समर्पित किया नया रेलमार्ग

दुनिया के सबसे ऊंचे रेल ब्रिज अब जनता की सेवा में समर्पित

  • कनेक्टिविटी और विकास में मील का पत्थर

  • इंजीनियरिंग का चमत्कार और भावी योजनाएं

  • इस रेलखंड में 943 रेलवे ब्रिज भी बनाये गये

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर को देश से जोड़ने वाले एक ऐतिहासिक रेलमार्ग को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने दो महत्वपूर्ण पुलों, देश के सबसे ऊंचे मेहराबदार चिनाब पुल और देश के पहले केबल पुल-आधारित अंजी खड्ड ब्रिज का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली दो वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे कश्मीर घाटी अब भारतीय रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले चिनाब पुल पर रेल निरीक्षण कार से पहुंचकर 100 मीटर तक तिरंगा लहराते हुए चहलकदमी की और परियोजना में काम करने वाले श्रमिकों से भी मुलाकात की। इस ऐतिहासिक क्षण में उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, रेल, सूचना प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे। चिनाब पुल के बाद उन्होंने अंजी खड्ड पुल का भी अवलोकन और उद्घाटन किया। बाद में, कटरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई।

इन ट्रेनों के चलने से पर्यटकों और रेल यात्रियों को कश्मीर पहुंचने में काफी आसानी होगी। अब सात घंटे की सड़क मार्ग की यात्रा केवल तीन घंटे में पूरी हो सकेगी, जिससे हर मौसम में जम्मू से श्रीनगर और बारामूला तक की यात्रा कुछ घंटों में संभव हो जाएगी। इससे पहले, कश्मीर घाटी में केवल बारामूला से संगलदान के बीच ही लोकल ट्रेनों का परिचालन हो रहा था।

कटरा से संगलदान के बीच रेल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, अब कटरा और श्रीनगर के बीच नियमित रूप से ट्रेन परिचालन शुरू हो गया है। यह नई रेल कनेक्टिविटी पर्यटकों, व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और छात्रों के लिए एक सस्ता और सुविधाजनक परिवहन माध्यम प्रदान करेगी, साथ ही माल की आवाजाही को भी सुगम बनाएगी। 272 किलोमीटर की जम्मू-कश्मीर रेल लिंक परियोजना को पूरा होने में चार दशक से अधिक का समय लगा।

यह परियोजना भारतीय इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक प्रमाण है। दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब पुल की चिनाब नदी तल से ऊंचाई 359 मीटर है, जो एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। इसी रेल मार्ग पर स्थित अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेल ब्रिज है। इस परियोजना में 36 सुरंगें (119 किलोमीटर तक फैली हुई) और 943 पुल शामिल हैं, जिसके निर्माण में लगभग 43,780 करोड़ की लागत आई है।

कटरा-श्रीनगर रेलवे लिंक पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का उच्च हिमालयी संस्करण भी मेक इन इंडिया पहल के तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा निर्मित है। यह ट्रेन कश्मीर घाटी की चरम जलवायु परिस्थितियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है, जिसमें उन्नत ताप प्रणाली, ओवरहीट सुरक्षा सेंसर, पानी और जैव-शौचालय टैंकों की ठंड को रोकने के लिए सिलिकॉन हीटिंग पैड, पाइपलाइन को गर्म रखने के लिए विशेष प्लंबिंग और ऑटो-रेगुलेटेड हीटिंग केबल जैसी सुविधाएं शामिल हैं

रेलवे परियोजनाओं के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने कटरा में 350 करोड़ रुपये से अधिक के श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान की आधारशिला भी रखी, जो रियासी जिले का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। उन्होंने 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जम्मू-कश्मीर में नई विकास परियोजनाओं को चलाने के फैसले की भी घोषणा की, जिससे इस केंद्र शासित प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।