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लग्जरी कार से बकरी चोरी देखकर हैरान हुए लोग

पीछे से जनता ने खदेड़ा तो भागने में उलट गयी बेशकीमती कार

  • मोहूगांव के पास ग्रामीणों ने दौड़ाया था

  • कीमती कार से मवेशी चोरी की पहली घटना

  • कार पलटी तो अंधेरे में भाग निकले बकरी चोर

राष्ट्रीय खबर

रांची झारखंड की राजधानी, हाल ही में एक अविश्वसनीय घटना की गवाह बनी, जिसने मवेशी चोरी के पारंपरिक तरीकों को धता बताते हुए एक नया ही तरीका उजागर किया है। लापुंग प्रखंड के मोहूगांव में, चोरों ने एक आलीशान एक्सयूवी 300 (वाहन संख्या जेएस 13 जे 6356) का इस्तेमाल कर बकरी चोरी करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण उनका यह प्रयास विफल हो गया और इसका अंत एक नाटकीय दुर्घटना के साथ हुआ।

यह चौंकाने वाली घटना तब सामने आई जब मोहूगांव के ग्रामीणों ने लैंप्स घर के पास एक एक्सयूवी में कुछ लोगों को बकरियां चुराते हुए देखा। सामान्यतः मवेशी चोरी के मामलों में छोटे वाहनों या पैदल चोरों का इस्तेमाल होता है, लेकिन यहां लग्जरी एसयूवी का उपयोग ग्रामीणों के लिए एक बड़ा आश्चर्य था। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए चोरों का पीछा करना शुरू कर दिया, जिससे चोरों को तेजी से भागना पड़ा।

भागने की इस आपाधापी में, तेज़ रफ़्तार एक्सयूवी 300अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए एक अजीबोगरीब मंजर था – एक महंगी एसयूवी, मवेशी चोरों द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी, अब सड़क पर औंधी पड़ी थी। हालांकि, जब तक ग्रामीण दुर्घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक कार में सवार चोर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलने में कामयाब रहे। वे अपने पीछे पलटी हुई गाड़ी और चोरी की गई बकरियों को छोड़ गए, जो इस घटना का सबसे अजीबोगरीब पहलू था।

इस घटना ने पूरे मोहूगांव और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी है। ग्रामीण अभी भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि चोरों ने मवेशी चोरी जैसे अपराध के लिए इतनी महंगी गाड़ी का इस्तेमाल क्यों किया। यह एक नई प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, जहां शातिर चोर अपराध को अंजाम देने के लिए नए और अप्रत्याशित तरीकों का सहारा ले रहे हैं।

ऐसा प्रतीत होता है कि ये चोर ग्रामीण इलाकों में लग्जरी कारों में घूमते हैं, जिससे उन पर कोई संदेह नहीं होता। जब उन्हें कोई मौका मिलता है, तो वे बकरियों को गाड़ी के अंदर भर लेते हैं और बिना किसी को शक हुए फरार हो जाते हैं। इस बार, हालांकि, उनकी योजना विफल रही और उन्हें अपने वाहन को छोड़कर भागना पड़ा।

पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और एक्सयूवी 300के मालिक और घटना में शामिल चोरों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का मानना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं हो सकता है, और ऐसे गिरोह सक्रिय हो सकते हैं जो मवेशी चोरी के लिए लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय प्रशासन को ऐसी अप्रत्याशित आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए नई रणनीतियां बनाने पर विचार करने के लिए मजबूर किया है।

यह घटना एक चेतावनी के रूप में भी कार्य करती है कि अपराधी लगातार अपने तरीकों को बदल रहे हैं और अधिक परिष्कृत होते जा रहे हैं। ग्रामीणों को अब न केवल छोटे-मोटे चोरों से सतर्क रहना होगा, बल्कि उन लोगों से भी सावधान रहना होगा जो महंगे वाहनों में घूमते हुए संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं। इस अजीबोगरीब मामले ने न केवल लापुंग प्रखंड में, बल्कि पूरे झारखंड में लोगों का ध्यान खींचा है, और यह दर्शाता है कि अपराध की दुनिया में भी कैसे नए और अनोखे तरीके अपनाए जा रहे हैं।