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सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा बेहतर पहल

भारत ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को दुनिया के विभिन्न देशों में भेजा है। इसका मकसद पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारतीय पक्ष की प्रस्तुति है।

रूस की यात्रा पर आए भारतीय सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक एकता का आह्वान किया है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले चरमपंथी तत्वों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सांसद सुश्री कनिमोझी करुणानिधि के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मॉस्को में एक प्रेस वार्ता की, जिसमें सदस्यों ने पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के वैश्विक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से रूस जैसे दीर्घकालिक साझेदारों से भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में एकजुटता से खड़े होने का आग्रह किया।

प्रेस को संबोधित करते हुए सुश्री कनिमोझी ने कहा, हमलों के बारे में बहुत सी गलत सूचनाएँ फैलाई गई हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सच्चाई क्या थी और वास्तव में क्या हुआ था। भारत विशेष रूप से यह संदेश देना चाहता है कि भारत परमाणु हथियारों के खतरे से ब्लैकमेल होने से इनकार करता है।

हम अपनी अखंडता के लिए लड़ेंगे। हम आतंकवादी हमलों के खिलाफ़ एकजुट होकर खड़े होंगे। इसलिए यह वह संदेश है जो हम दुनिया तक पहुँचाना चाहते थे, और निश्चित रूप से हमने कई वर्षों तक रूस के साथ काम किया है, और हम रूस की समझ की तलाश करेंगे और हम आशा करेंगे कि वे हमें बहुत मजबूती से समर्थन देने में सक्षम होंगे क्योंकि मुझे लगता है कि वे बिना किसी संदेह के जानते हैं कि भारत शांति के लिए खड़ा है।

प्रतिनिधिमंडल की टिप्पणियों में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद अशोक कुमार मित्तल ने आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद के कारण पूरी दुनिया पीड़ित है।

भारत को भी बहुत नुकसान उठाना पड़ा है… लेकिन भारत दुनिया के आतंकवाद विरोधी अभियान का दूत बनना चाहता है, क्योंकि हम जानते हैं कि आतंकवाद क्या है। हमने हर तरफ से नुकसान उठाया है, और हम नहीं चाहते कि दुनिया के अन्य देश भी पीड़ित हों। भारत में एक कहावत है, वसुधैव कुटुम्बकम, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। हम इसमें विश्वास करते हैं। हम शांति में विश्वास करते हैं।

डॉ. मित्तल ने वैश्विक शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जोर देने के लिए वसुधैव कुटुम्बकम – दुनिया एक परिवार है के भारतीय सभ्यतागत मूल्य का भी हवाला दिया।

उन्होंने कहा, हम सद्भाव और सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं, और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख का हमारा आह्वान उस दर्शन के अनुरूप है।

प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के सांसद श्री राजीव राय, भारतीय जनता पार्टी के सांसद कैप्टन बृजेश चौटा, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद प्रेम चंद गुप्ता, आप के सांसद अशोक कुमार मित्तल और पूर्व भारतीय राजदूत श्री मंजीव सिंह पुरी सहित कई राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं।

रूस की यात्रा स्लोवेनिया, ग्रीस, लातविया और स्पेन सहित कई देशों में व्यापक अंतरराष्ट्रीय आउटरीच का हिस्सा है। इस बहु-राष्ट्र यात्रा का उद्देश्य भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को उजागर करना है, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर जैसी हालिया पहलों के संदर्भ में, जो आतंकी खतरों को खत्म करने और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत के संकल्प को रेखांकित करता है।

दूसरी तरफ शशि थरूर के नेतृत्व में अमेरिका गये दल ने भी एक जैसी बात रखी है और श्री थरूर ने काफी समझदारी के साथ भारत का पक्ष प्रस्तुत किया है। इससे वहां भी भारत पाकिस्तान विवाद पर वहां के लोगों को एक नया पक्ष जानने का अवसर मिला है। बहरीन में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओबैसी के नेतृत्व में गये दल को बहरीन की सरकार का यह वादा हासिल करने में कामयाबी मिली है कि आतंकवाद के मुद्दे पर बहरीन भारत के साथ खड़ा है।

टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने भी अपने दौरे में पाकिस्तान सरकार की मदद से चल रहे आतंकवाद का उदाहरण पेश कर अन्य देशों को पहली बार ऐसी जानकारी से अवगत होने का मौका दिया है। कुल मिलाकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की यह चाल कूटनीतिक तौर पर अच्छी है।

इसका अंदाजा इस बात से भी लग जाता है कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा प्रारंभ होते ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने मित्र देशों के दौरे पर गये हैं।

इस बेहतर पहल के साथ साथ देश में भी पूरे देश को विश्वास में लेने की कवायद होनी चाहिए थी। संसद के विशेष सत्र से इंकार करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जनसभाओं में ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दे रहे हैं। यह लोकतंत्र के प्रति उनके विश्वास की कमी को दर्शाता है।