Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या PCOD में मां बनना संभव है? एक्सपर्ट डॉ. चंचल शर्मा से जानें गर्भधारण और इलाज के उपाय CPL 2026 ABF vs TKR: रहकीम कॉर्नवॉल के ऑलराउंड खेल से जीता एंटीगा फाल्कंस, ट्रिनबागो को 8 रन से हराय... ईरान युद्ध के बीच पेंटागन में घमासान, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने रोके 45 प्रमोशन, 65% पैट्रियट मिसाइ... उबर ने किया 10% कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान, 3400 नौकरियां होंगी प्रभावित; भारत पर भी पड़ेगा असर 'मिर्जापुर: द मूवी' की एडवांस बुकिंग में बंपर शुरुआत: अब तक 6 करोड़ से अधिक की कमाई राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय का दौर खत्म, गोविंद देव गिरी नए महासचिव, पूर्व एयर मार्शल बने CEO रायपुर सुसाइड केस में टिकरापारा पुलिस की लापरवाही, 47 दिन बाद भी SIT के हाथ खाली बिहार के बक्सर में दो शिक्षकों पर 12 छात्राओं से दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने का आरोप, ग्रामीणों ने... बीकमपुर गांव में साले-बहनोई के विवाद में खूनी संघर्ष, 5 घायल कानपुर रेफर, आरोपी पवन की इलाज के दौरान... Bengal Politics: तृणमूल कार्यालय पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी का तीखा हमला, हाईकोर्ट से संज्ञान लेन...

पश्चिम एशिया संकट के समाधान में सक्रिय हुए प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने कई राष्ट्राध्यक्षों से बात की

  • ऊर्जा ढांचों पर हमले तुरंत बंद हों

  • कतर और जॉर्डन के साथ एकजुटता

  • शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास करें

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के शीर्ष नेताओं के साथ टेलीफोन पर उच्च स्तरीय संवाद किया। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया के बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में शांति बहाली के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात करते हुए स्पष्ट किया कि भारत इस संकट की घड़ी में दोहा के साथ खड़ा है। उन्होंने कतर में भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए आभार व्यक्त किया और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और मुक्त नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय को भाई संबोधित करते हुए मोदी ने उन्हें अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा क्षेत्र पर हमले अनावश्यक तनाव बढ़ा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने जॉर्डन द्वारा संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में की गई सहायता की भी सराहना की।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ बातचीत में, प्रधानमंत्री ने तनाव कम करने और संवाद व कूटनीति की मेज पर लौटने की अनिवार्यता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई। ओमान और मलेशिया के नेतृत्व के साथ भी मोदी ने इसी तरह के विचार साझा किए, जहाँ मुख्य एजेंडा वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आवाजाही को बनाए रखना था।

भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पश्चिम एशिया पर अत्यधिक निर्भर है। प्रधानमंत्री का यह सक्रिय कूटनीतिक हस्तक्षेप दर्शाता है कि भारत इस क्षेत्र में अस्थिरता को वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू विकास के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देख रहा है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि संवाद ही शांति, सुरक्षा और स्थिरता की बहाली का एकमात्र मार्ग है।