Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भगवंत मान सरकार की अगुवाई में ‘ए.आई. क्रांति’ किसानों की आय बढ़ाकर पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करेगी 'रॉयल एनफील्ड' छोड़ 'रॉयल सवारी' पर निकला बैंककर्मी! पेट्रोल नहीं मिला तो घोड़े पर बैठकर ऑफिस पहुंचा... रूह कंपा देने वाला हादसा! आंध्र प्रदेश में बस और ट्रक की जोरदार टक्कर, आग की लपटों में घिरकर 10 लोग ... पश्चिम बंगाल में बड़ा बदलाव! वोटर लिस्ट से एक साथ कटे 13 लाख नाम, जानें SIR के बाद अब क्या चल रहा है IPL 2026: तो ये खिलाड़ी करेगा CSK के लिए ओपनिंग! कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने खुद खोल दिया सबसे बड़ा रा... Operation Sindoor Film: बड़े पर्दे पर 'ऑपरेशन सिंदूर' की रियल स्टोरी दिखाएंगे विवेक अग्निहोत्री, नई ... Dividend Stock 2026: शेयर बाजार के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! इस कंपनी ने किया 86 रुपये प्रति शेयर डिव... Jewar Airport ILS System: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैसे काम करेगा ILS? पायलटों को मिलेगी ये बड़ी ... Chaitra Navratri Ashtami Bhog: अष्टमी पर मां महागौरी को लगाएं इस खास चीज का भोग, पूरी होगी हर मनोकाम... Baby Massage Oil: शिशु की मालिश के लिए बेस्ट 'लाल तेल' में कौन-कौन सी जड़ी-बूटियां होती हैं? जानें फ...

बंदरों से निपटने के लिए लंगूरों के कट आउट लगाये

वन विभाग ने बंदरों को रोकने के लिए अपनायी नई रणनीति

राष्ट्रीय खबर

मथुराः उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार शाम मथुरा पहुँचीं, जहाँ उन्होंने विभिन्न मंदिरों के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मथुरा पहुँचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने वृंदावन स्थित प्रसिद्ध प्रेम मंदिर में मत्था टेका और प्रार्थना की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 20 मार्च को वह वृंदावन के परिक्रमा मार्ग, वराह घाट के समीप स्थित श्री प्रेमानंद जी महाराज आश्रम का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान वृंदावन और गोवर्धन क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश वन विभाग ने विशेष और अनूठी तैयारी की है। अधिकारियों ने बताया कि बंदरों को डराने और दूर रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर लंगूरों के कट-आउट (विशाल पोस्टर) लगाए गए हैं।

गौरतलब है कि वृंदावन की तंग गलियों में आने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर बंदरों के उत्पात का सामना करना पड़ता है। ये बंदर पलक झपकते ही लोगों के चश्मे, बटुए और मोबाइल फोन छीन लेते हैं, जबकि खाद्य पदार्थों को तो वे सेकंडों में झपट लेते हैं। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

वन विभाग ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रमुख स्थानों पर लंगूरों के ये कट-आउट स्थापित किए हैं, क्योंकि बंदर स्वाभाविक रूप से लंगूरों से डरते हैं। फारेस्ट रेंजर अतुल तिवारी ने मीडिया को बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के कड़े नियमों के कारण अब बंदरों को भगाने के लिए पहले की तरह जीवित लंगूरों का शारीरिक रूप से उपयोग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, कानूनी बाध्यताओं को देखते हुए, हम बंदरों के लिए निवारक के रूप में लंगूरों के आदमकद कट-आउट का उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह मनोवैज्ञानिक तरीका राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान बंदरों को सुरक्षित दूरी पर रखने में कारगर साबित होगा।