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लंबी गरदन वाली एक शिकारी प्रजाति का पता चला, देखें वीडियो

नई प्रजाति की खोज: ट्रासकासौरा सैंड्रे

  • जीवाश्म से आकार और दांतों का पता चला

  • यह दूसरी प्रजातियों से बिल्कुल अलग थी

  • पानी के अंदर भी शिकार कर लेती थी

राष्ट्रीय खबर

रांचीः एक नए अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार के इलास्मोसॉर की खोज की है, जिसे ट्रासकासौरा सैंड्रे नाम दिया गया है। यह समुद्री सरीसृप लगभग 85 मिलियन वर्ष पहले रहता था और इसकी लंबाई लगभग 12 मीटर थी। ट्रासकासौरा की सबसे खास बात इसकी लंबी गर्दन है, जिसमें कम से कम 50 हड्डियाँ होती हैं।

देखें इससे संबंधित वीडियो

अद्वितीय विशेषताएं

ट्रासकासौरा की विशेषताएं इसे अन्य इलास्मोसॉर से अलग बनाती हैं। इसके दांत भारी और तीखे थे, जो शिकार को कुचलने के लिए उपयुक्त थे। इसकी कंधे की हड्डियाँ भी अन्य प्लेसियोसॉर से अलग हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ट्रासकासौरा की अद्वितीय विशेषताएं इसकी शिकार शैली से संबंधित हैं।

शिकार शैली

प्रोफेसर एफ. रॉबिन ओ’कीफ के अनुसार, ट्रासकासौरा की असामान्य विशेषताएं इसकी शिकार शैली से संबंधित हैं। इसका मतलब है कि यह ऊपर से अपने शिकार पर गोता लगाने के लिए नीचे की ओर तैरने की क्षमता का उपयोग करता है। यह शिकार शैली अन्य प्लेसियोसॉर से अलग है।

जीवाश्मों की खोज

ट्रासकासौरा के जीवाश्म वैंकूवर द्वीप पर पंटलेज नदी के किनारे लेट क्रेटेशियस चट्टानों से 1988 में खोजे गए थे। तब से, अतिरिक्त जीवाश्म बरामद किए गए हैं। इन जीवाश्मों को अब ब्रिटिश कोलंबिया के कोर्टेने और डिस्ट्रिक्ट म्यूजियम एंड पैलियोन्टोलॉजी सेंटर में सार्वजनिक प्रदर्शन पर रखा गया है।

निष्कर्ष

ट्रासकासौरा सैंड्रे की खोज ने वैज्ञानिकों को एक नए और अद्वितीय समुद्री सरीसृप के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया है। इसकी विशेषताएं और शिकार शैली इसे अन्य इलास्मोसॉर से अलग बनाती हैं। यह खोज जीवाश्म विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है।