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एसआईटी के तीनों अफसर मानपुर थाना पहुंचे

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार की टीम का काम प्रारंभ

राष्ट्रीय खबर

भोपालः मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर अब जांच तेज़ हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल ने बुधवार शाम मानपुर पहुंचकर अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल टीम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

सागर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती और डिंडौरी की एसपी वाहिनी सिंह को इस महत्वपूर्ण एसआईटी में जगह दी गई है। टीम ने मानपुर थाने में पहले से दर्ज एफआईआर और संबंधित दस्तावेजों की गहन समीक्षा की। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस अधिकारियों से भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जल्द ही घटनास्थल और अन्य संभावित साक्ष्य स्थलों का भी निरीक्षण करेगी, जिससे जांच को और गति मिल सके।

यह पूरा मामला कुछ दिनों पहले मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की एक महिला अधिकारी, कर्नल सोफिया कुरैशी, को लेकर दिए गए एक बयान से जुड़ा है। मंत्री शाह ने अपने भाषण में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि हर झोपड़ी और हर खोपड़ी में हलमा होना चाहिए… जैसे हमारे मोदी जी समाज के लिए जान लगा रहे हैं… आतंकवादियों ने कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी-तैसी करने हमारे जहाज से उनके घर भेजा। इस बयान को कांग्रेस और अन्य संगठनों ने आपत्तिजनक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

मामले ने तब और तूल पकड़ा जब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस बयान पर स्वतः संज्ञान लेते हुए डीजीपी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद, 14 मई को मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया। मंत्री शाह ने इस एफआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन उन्हें वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। अब पूरे प्रदेश की निगाहें एसआईटी की इस जांच पर टिकी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो, एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मंत्री विजय शाह के इस्तीफे की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। क्या यह जांच मंत्री शाह की राजनीतिक साख पर भारी पड़ेगी? यह देखना दिलचस्प होगा।