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देश के लगभग आधे मंत्रियों पर हैं आपराधिक मामले

नये विधेयक की चर्चा के बीच ही एडीआर की रिपोर्ट जारी

  • आधे पर आपराधिक मामले दर्ज हैं

  • कई पर गंभीर अपराध के भी मामले

  • धन के मामले में भी काफी मजबूत

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग 47 फीसद मंत्रियों के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मंत्रियों ने स्वयं चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामों में इन मामलों की जानकारी दी थी।

एडीआर ने 27 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों द्वारा जमा किए गए हलफनामों का विश्लेषण किया। कुल 643 मंत्रियों में से 302 (लगभग 47 फीसद) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 174 पर तो हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं। केंद्र सरकार के 72 मंत्रियों में से 29 के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार तीन नए विधेयक लेकर आई है। इन विधेयकों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री किसी गंभीर अपराध के लिए 30 दिनों तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ेगा। इन विधेयकों को फिलहाल संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 11 राज्यों – दिल्ली, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और पुडुचेरी – में 60 फीसद से अधिक मंत्री दागी हैं। इसके विपरीत, उत्तराखंड, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और नागालैंड में किसी भी मंत्री पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के 336 मंत्रियों में से 136 (40 फीसद) पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 88 (26 फीसद) पर गंभीर आरोप हैं। कांग्रेस के चार राज्यों में सत्ता चला रही कांग्रेस के 45 (47 फीसद) मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 18 पर गंभीर आरोप हैं। डीएमके के 31 में से 27 (87 फीसद) मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 14 पर गंभीर आरोप हैं। टीएमसी के 40 में से 13 (33 फीसद) मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 8 पर गंभीर आरोप हैं। आप के 16 में से 11 (69 फीसद) मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 5 पर गंभीर आरोप हैं। टीडीपी के 23 में से 22 (96 फीसद) मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं, जिनमें से 13 पर गंभीर आरोप हैं। टीडीपी को केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 643 मंत्रियों के पास औसतन 37.21 करोड़ रुपये की संपत्ति है।इन सभी मंत्रियों की कुल संपत्ति 23,929 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 72 केंद्रीय मंत्रियों में से 6 मंत्री अरबपति हैं।