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अमृतसर जिला में जहरीली शराब से सत्रह लोगों की मौत

विरोधी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा मांगा

  • मेथनॉल की खरीद ऑनलाइन हुई थी

  • मामले में पांच लोग गिरफ्तार किये गये

  • इलाके में बीमार लोगों की तलाश भी जारी

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः पंजाब के अमृतसर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात को भंगारी, पातालपुरी, मरारी कलां और थेरेवाल गांवों में ये मौतें रिपोर्ट की गईं। पुलिस जाँच में खुलासा हुआ है कि शराब बनाने के लिए मेथनॉल भारी मात्रा में ऑनलाइन मंगाया गया था।

पुलिस ने बताया कि जहरीली शराब के कारण तबीयत बिगड़ने के बाद छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि मजीठा के गांवों में निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ पंजाब में विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला और मान सरकार पर कथित शराब माफिया को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मान और आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की भी मांग की।

इस बीच, अमृतसर जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर उन लोगों की जाँच के लिए मेडिकल टीमें तैनात की हैं जिन्होंने शायद जहरीली शराब का सेवन किया हो। अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि शराब पीने से 17 लोगों की मौत हुई है और मरने वालों में ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर थे।

यह राज्य में एक साल से कुछ अधिक समय में हुई दूसरी बड़ी शराब त्रासदी है। मार्च 2024 में संगरूर जिले में जहरीली शराब पीने से कम से कम 20 लोगों की जान चली गई थी। 2020 में, तरनतारन, अमृतसर और बटाला में जहरीली शराब के कारण कुल 120 लोगों की मौत हुई थी।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि मजीठा के पुलिस उपाधीक्षक और थाना प्रभारी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह के साथ-साथ कुलबीर सिंह, साहिब सिंह, गुरजंट सिंह और निंदर कौर शामिल हैं।