मणिपुर में नये सिरे से हिंसा भड़कने पर माहौल बिगड़ा
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जिम्मेदारी से भागने का आरोप
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बिष्णुपुर की हृदय विदारक घटना
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समयबद्ध कार्रवाई सरकार पूरा करे
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटीः मणिपुर में जारी अस्थिरता और हिंसा के बीच, कांग्रेस पार्टी ने राज्य में हाल ही में हुई हत्याओं, विशेष रूप से दो मासूम बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विपक्षी दल ने केंद्र और राज्य सरकार पर स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए एक समयबद्ध जांच और पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
इनर मणिपुर के सांसद ए. बिमोल अकोइजाम ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें मणिपुर में लोगों के जीवन की रक्षा करने की अपनी बुनियादी जिम्मेदारी से पूरी तरह पीछे हट गई हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांगों का एक चार्टर भी सौंपा है, जिसमें इस मामले में उनके तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई गई है।
ताजा विवाद का केंद्र बिष्णुपुर जिले का ट्रोंगलाओबी इलाका है, जहां 7 अप्रैल को एक संदिग्ध प्रोजेक्टाइल हमले में दो बच्चों की जान चली गई। वहां जब परिवार सो रहा था, तब उनके घर पर एक संदिग्ध गोला आकर गिरा। इस हमले में एक पांच वर्षीय लड़के और पांच महीने की बच्ची की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह गोला पास की पहाड़ियों से दागा गया था और इसके पीछे संदिग्ध कुकी उग्रवादियों का हाथ हो सकता है।
कुकी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इस घटना में अपने समुदाय की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है। इस बीच कांग्रेस ने राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कांग्रेस ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं। सुधार: प्रशासन और सुरक्षा ढांचे में बदलाव ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षा बल तैनात कर कानून का शासन स्थापित करना। मुआवजा: हिंसा और हमलों के शिकार हुए परिवारों को पर्याप्त वित्तीय और सामाजिक सहायता प्रदान करना। बच्चों की हत्या और हालिया झड़पों की जांच एक निष्पक्ष एजेंसी से तय समय सीमा के भीतर कराना। मणिपुर में महीनों से जारी जातीय तनाव ने मानवीय संकट पैदा कर दिया है, और राजनीतिक दल अब जवाबदेही तय करने के लिए दबाव बना रहे हैं।