Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Weather Update Today: देश में मौसम की दोहरी मार; दिल्ली-यूपी में भीषण लू का रेड अलर्ट, तो बिहार-झारख... Dholpur Crocodile Attack: धौलपुर में दर्दनाक हादसा; चम्बल नदी किनारे बैठी 12 साल की बच्ची को खींच ले... CBI Action on Builders: घर खरीदारों से धोखाधड़ी मामले में CBI का बड़ा एक्शन; SBI अफसरों और मंजू जे ह... IPL 2026 KKR vs MI: प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कोलकाता को हर हाल में चाहिए जीत; मुंबई बिगाड़े... Daisy Shah Bold Scenes: बिना इंटीमेसी कॉर्डिनेटर के कैसे शूट हुए थे 'हेट स्टोरी 3' के बोल्ड सीन? डेज... PM Modi Italy Visit: रोम पहुंचे पीएम मोदी का भव्य स्वागत; जॉर्जिया मेलोनी के साथ किया ऐतिहासिक कोलोस... PM Modi Meloni Viral Video: पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट की 'मेलोडी' टॉफी! सोशल मीडिया पर व... Smartphone Cooling Tips: 45 डिग्री वाली गर्मी में पिघल जाएगा आपका महंगा फोन! इन 5 टिप्स से बचाएं ओवर... Nautapa 2026: इस साल कब से शुरू हो रहा है नौतपा? जानें रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर का समय और महत्व Litchi Capital of the World: भारत का वो शहर जिसे कहते हैं 'लीची की राजधानी'; संतरा-पपीता से भी ज्याद...

निकोबार द्वीप समूह के ऊपर हैं मॉनसून के बादल

भारत की जीवन दायिनी दक्षिण पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रही

  • सैटेलाइट चित्रों से इसकी पुष्टि हुई है

  • दक्षिण बंगाल की खाड़ी से प्रगति

  • हवा की गति भी अभी अनुकूल है

नईदिल्लीः भारत के लिए जीवनदायिनी माने जाने वाले दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने अपनी निर्धारित यात्रा शुरू कर दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पुष्टि की है कि मॉनसून अब दक्षिण बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप समूह तक पहुँच गया है, जो देश में बारिश के मौसम की शुरुआत का संकेत है। यह खबर भारतीय कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मॉनसून का समय पर और सामान्य आगमन बेहतर फसल उत्पादन और जल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।

मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून के आगे बढ़ने के साथ ही दक्षिण बंगाल की खाड़ी, निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के ऊपर पछुआ हवाओं की ताकत और गहराई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर इन हवाओं की गति 20 समुद्री मील (जो लगभग 37 किलोमीटर प्रति घंटा के बराबर है) को पार कर गई, और कुछ स्थानों पर यह 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई थी। यह मजबूत पछुआ हवाएँ मॉनसून प्रणाली के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाती हैं।

मॉनसून के आगमन का पहला प्रभाव निकोबार द्वीप समूह पर देखा गया, जहाँ पिछले दो दिनों से मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। यह बारिश मॉनसून की शुरुआती गतिविधि का स्पष्ट संकेत है और द्वीपसमूह के निवासियों के लिए गर्मी से राहत लेकर आई है। आईएमडी ने बताया कि मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दक्षिण बंगाल की खाड़ी, दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और उत्तरी अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों में दस्तक दी।

इसके साथ ही, क्षेत्र में बादलों की उपस्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेतक, आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन (OLR) में भी कमी आई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी मौसमी मापदंडों का एक साथ अनुकूल होना इस क्षेत्र में मॉनसून के आधिकारिक आगमन के मानदंडों को पूरा करता है।

मौसम कार्यालय ने आगे बताया कि वर्तमान परिस्थितियाँ अगले तीन से चार दिनों के दौरान मॉनसून के और आगे बढ़ने के लिए बेहद अनुकूल हैं। उम्मीद है कि इस अवधि में मॉनसून दक्षिण अरब सागर, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र के कुछ और हिस्सों को कवर करेगा। इसके अतिरिक्त, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों, पूरे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अंडमान सागर के बचे हुए भागों और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है।

मॉनसून का यह प्रारंभिक चरण देश के मुख्य भूभाग की ओर उसकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। मौसम वैज्ञानिकों की बारीक निगरानी जारी है क्योंकि मॉनसून धीरे-धीरे केरल की ओर बढ़ेगा, जिससे पूरे भारत में बहुप्रतीक्षित वर्षा ऋतु की शुरुआत होगी। यह समय किसानों, नीति निर्माताओं और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे मॉनसून के आगमन और उसकी चाल पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।