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राहुल गांधी से मिले अभिषेक बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक संकट के बीच दूसरी खिचड़ी

  • ममता ने सोनिया गांधी से भेंट की थी

  • इंडिया गठबंधन की मजबूती पर चर्चा

  • पार्टी के कई सांसद बगावत पर उतरे

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः दिल्ली की राजनीतिक हलकों में उस समय सरगर्मी तेज हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण बैठक टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मिलने के ठीक एक दिन बाद हुई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य एजेंडा इंडिया गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करना था।

दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुलाकात को गठबंधन की मजबूती से जोड़कर देखा है। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि चर्चा का केंद्र यह था कि गठबंधन आगे कैसे बढ़े। सूत्र ने बताया, उन्होंने पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, चर्चा की गई कि टीएमसी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साझेदारों के रूप में राज्य में अपनी स्थिति कैसे मजबूत कर सकते हैं और 2029 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए कैसे एकजुट होकर तैयारी कर सकते हैं।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी भारी संकट का सामना कर रही है। ठीक एक दिन पहले, राज्य सीआईडी ने कथित विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के सिलसिले में कोलकाता के कालीघाट स्थित टीएमसी के केंद्रीय कार्यालय और कैमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में छापेमारी की थी।

चुनाव परिणामों के बाद से ही टीएमसी आंतरिक विद्रोह से जूझ रही है। सोमवार को यह संकट और गहरा गया जब बागी गुट ने दावा किया कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से अनेक ने एक अलग गुट बनाने और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने का फैसला किया है।

इस संकट के बाद कांग्रेस और टीएमसी के संबंधों में एक नई आत्मीयता देखी जा रही है। ममता बनर्जी खुद आगे बढ़कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि कांग्रेस को इंडिया गठबंधन में उनके महत्व का अहसास रहे। सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान, ममता उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थीं, जिन्होंने अन्य सहयोगियों द्वारा आलोचना किए जाने पर कांग्रेस का खुलकर बचाव किया।