Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
: पंजाब राजभवन में 'एट होम' समारोह का आयोजन: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ CM भगवंत मान और CM ना... सुल्तानपुर लोधी में बड़ा हादसा टला: राइस मिल में 25 फीट गहरे कुएं में गिरे 3 मजदूर, प्रशासन ने सुरक्... मोहाली में विदेशी युवती से गैंगरेप और हैवानियत: गर्म मोम डाला, जबरन कराया देह व्यापार; आरोपी काबू जालंधर के अलास्का चौक पर दर्दनाक हादसा: करतार बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने दी शुभकामनाएं, शहीदों को किया नमन गुरदासपुर बॉर्डर पर सनसनी: खेतों में पेड़ पर बंधे मिले पाकिस्तानी झंडे और दर्जनों गुब्बारे, सुरक्षा ... इंदौर में CM मोहन यादव ने तोते उड़ाकर किया 14-D सफारी का लोकार्पण; ग्लो गार्डन और भूल-भुलैया भी बने ... उज्जैन: महाकाल मंदिर में सैकड़ों चप्पलों के ढेर में खो गई जोड़ी, श्रद्धालु ने ChatGPT से चुटकियों मे... ग्वालियर में AI की सूझबूझ से बची हेड कांस्टेबल की जान: करैत सांप के काटने पर TI ने अपनाए सही प्रोटोक... छतरपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन दर्दनाक हादसा, आजादी की खुशियां मातम में बदलीं

China Floods: चीन के 1 लाख बांध बने मुसीबत, बिना चेतावनी पानी छोड़ने से कई गांवों में भारी तबाही

बीजिंग: दुनिया में सबसे अधिक बांध और जलाशय (Reservoirs) बनाने वाला देश चीन अब अपनी ही इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन में करीब 1 लाख जलाशय और बांध हैं। शुरुआत में इनका उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, बिजली उत्पादन और जल संरक्षण था, लेकिन अब हर बारिश के मौसम में यही बांध हजारों लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चीन में कई बार इन जलाशयों से अचानक पानी छोड़ दिया जाता है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से कोई सूचना (Warning) नहीं दी जाती है। कई बार तो रात के समय अचानक फ्लड गेट खोल दिए जाते हैं, जिससे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिलता और बाढ़ का पानी उनके घरों तक पहुंच जाता है।

गुआंग्शी में टूटा लीउलान जलाशय, कई गांव पानी में डूबे

गुआंग्शी (Guangxi) प्रांत के कई गांवों में जुलाई की शुरुआत में ऐसी ही खौफनाक स्थिति देखने को मिली है, जहां कई घरों की छतों तक पानी भर गया। कुछ लोगों ने छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग तेज बहाव में लापता हो गए। जानकारी के मुताबिक, 6 जुलाई को गुआंग्शी प्रांत के लीउलान जलाशय (Liulan Reservoir) के टूटने से इलाके में भारी तबाही मच गई। लगातार बारिश और टाइफून के बाद तड़के करीब तीन बजे पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा और सुबह सात बजे बांध टूट गया, जिससे कई कस्बे पूरी तरह पानी में डूब गए। बाढ़ से खेती, मछली पालन और सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस त्रासदी से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और कई लोग घंटों तक राहत और बचाव का इंतजार करते रहे।

2022 में ही सामने आ गई थीं गुणवत्ता की खामियां

रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2022 में ही स्थानीय जल संसाधन विभाग ने कई परियोजनाओं में गुणवत्ता (Quality) संबंधी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया था। लीउलान जलाशय की मरम्मत परियोजना भी इन्हीं चेतावनियों में शामिल थी। इसके बावजूद समय रहते सुधार नहीं किए गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि भारी बारिश में यह बांध क्षतिग्रस्त हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के कई बांध दशकों पहले बनाए गए थे और समय के साथ उनकी संरचना (Structure) काफी कमजोर हो गई है। बिजली उत्पादन, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण जैसे कई उद्देश्यों के कारण इन पुराने बांधों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।

1975 के बानकियाओ बांध हादसे की यादें हुईं ताजा

भारी बारिश के दौरान चीन के बुनियादी ढांचे की कमजोरियां खुलकर सामने आ रही हैं। चीन के इतिहास में 1975 का ‘बानकियाओ बांध हादसा’ (Banqiao Dam Disaster) दुनिया की सबसे बड़ी और भयानक बांध त्रासदियों में गिना जाता है। उस समय बांध टूटने से भयंकर बाढ़ आई थी, जिसमें लाखों लोग प्रभावित हुए थे और बड़ी संख्या में मौतें हुई थीं। हालांकि, इस घटना को लेकर लंबे समय तक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

हालिया बाढ़ से प्रभावित गांवों में लोगों ने बताया कि कुछ ही घंटों में पानी दूसरी मंजिल तक पहुंच गया। कई परिवार भोजन, पीने के पानी और बिजली के बिना फंसे हुए हैं। कई लोग अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। रक्षा और आधारभूत संरचना के विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय पर चेतावनी, मजबूत निर्माण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो हर मानसून में चीन के लाखों लोग इसी तरह के मौत के खतरे का सामना करते रहेंगे।