Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana Govt News: सेवानिवृत्त अधिकारियों की दोबारा नियुक्ति पर सरकार सख्त; स्टाफ से हटाए गए 6 कर्मच... Faridabad Sewer Death: सफाई कर्मचारी की मौत पर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग सख्त; दोषी अधिकारियों पर... Kaithal Encounter: कैथल में पुलिस और बदमाशों के बीच डबल मुठभेड़; 3 आरोपी गोली लगने से घायल, एक फरार Nuh Road Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा; ट्रक से टकराई कार, 4 लोगों की मौत Charkhi Dadri News: ई-ट्राईसाइकिल में आग लगने से पूर्व फौजी की जिंदा जलकर मौत; गांव में मचा कोहराम Sagar Self-Immolation Case: वाहन सीज होने से परेशान युवक ने ऑफिस में छिड़का पेट्रोल; मकरोनिया में हड... Chhindwara School Admission: 9वीं में दाखिले के लिए 13 साल की उम्र अनिवार्य, नियम के पेंच में फंसे 3... Land Record Fraud in Sheopur: कराहल में पटवारी ने अपनी आईडी का किया गलत इस्तेमाल; आदिवासी किसानों की... Mahakaleshwar Temple Ujjain: महाकाल मंदिर में युवकों का अमर्यादित व्यवहार; गार्ड से हाथापाई का वीडिय... Barwani News: आवारा कुत्तों का खौफनाक हमला; 35 वर्षीय महिला को नोच-नोच कर मार डाला

मोदी ने मौसम विभाग विजन 2047 का दस्तावेज जारी किया

मौसम विभाग के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित हुआ समारोह

  • अब तो मोबाइल पर भी जानकारी उपलब्ध है

  • मछुआरों को भी समुद्र का हाल पता चलता है

  • बिजली गिरने का भी पूर्वानुमान जारी होता है

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां भारतीय मौसम विभाग के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर मिशन मौसम का शुभारंभ और मौसम विभाग विजन-2047 दस्तावेज जारी किया। श्री मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग के 150 वर्ष न केवल मौसम विभाग की यात्रा को, बल्कि भारत में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की गौरवशाली यात्रा को भी दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग ने इन डेढ़ शताब्दियों में लाखों भारतीयों की सेवा की है और यह भारत की वैज्ञानिक प्रगति का प्रतीक बन गया है। विभाग की उपलब्धियों के बारे में एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में विभाग के भविष्य को रेखांकित करने वाला एक विजÞन दस्तावेज जारी किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विभाग ने अपनी 150 साल की यात्रा के हिस्से के रूप में युवाओं को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलंपियाड का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि इसमें हजारों छात्रों ने भाग लिया, जिससे मौसम विज्ञान में उनकी रुचि और बढ़ेगी। श्री मोदी ने कहा,  आईएमडी की स्थापना 15 जनवरी 1875 को मकर संक्रांति के बहुत करीब की गई थी।

हम सभी भारत की परंपरा में मकर संक्रांति के महत्व को जानते हैं। उन्होंने कहा कि किसी देश के वैज्ञानिक संस्थानों की प्रगति, विज्ञान के प्रति उसकी जागरूकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों में शोध और नवाचार नए भारत के स्वभाव का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में विभाग के बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है,

जिसमें डॉपलर मौसम रडार, स्वचालित मौसम केंद्र, रनवे मौसम निगरानी प्रणाली और जिलावार वर्षा निगरानी केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिनमें से सभी को अपग्रेड किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत में मौसम विज्ञान को अंतरिक्ष और डिजिटल प्रौद्योगिकी से बहुत लाभ होता है।

उन्होंने मिशन मौसम के शुभारम्भ की घोषणा की, जो टिकाऊ भविष्य और भावी तत्परता के लिए भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है और जो यह सुनिश्चित करता है कि देश मौसम की सभी स्थिति के लिए तैयार है और जलवायु के संदर्भ में एक स्मार्ट राष्ट्र बन रहा है। उन्होंने बात पर जोर दिया कि विज्ञान की प्रासंगिकता न केवल नई ऊंचाइयों को छूने में है, बल्कि आम आदमी के जीवन को आसान बनाने में भी है।

उन्होंने कहा कि विभाग ने सभी तक सटीक मौसम की जानकारी पहुंचाकर इस मानदंड को आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी के लिए प्रारंभिक चेतावनी पहल अब 90 प्रतिशत से अधिक लोगों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति पिछले और आगामी 10 दिनों की मौसम की जानकारी कभी भी प्राप्त कर सकता है।

अब मोबाइल फोन पर बिजली गिरने की चेतावनी संभव है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पहले लाखों समुद्री मछुआरों के परिवार समुद्र में जाने पर चिंतित रहते थे, लेकिन अब विभाग के सहयोग से मछुआरों को समय पर चेतावनी मिल जाती है।

प्रधानमंत्री ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए चेतावनी प्रणाली विकसित करना भी शामिल है। उन्होंने वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और आईएमडी जैसे संस्थानों को नई सफलताओं की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए विश्वास जताया कि भारत वैश्विक सेवा और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।