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फिर से नये सवालों के घेरे में आ गया चुनाव आयोग

मेघालय में भी पांच सौ से ज्यादा डुप्लिकेट वोटर कार्ड

  • महाराष्ट्र से उठा सवाल अनुत्तरित रहा

  • ममता बनर्जी ने सबूतों के साथ पेश किया

  • अब तक संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम बंगाल में डुप्लिकेट वोटर कार्ड का संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने के बीच ही चुनाव आयोग फिर से नये सवालों के सामने आ गया है। इस बार यह मामला उत्तर पूर्व के राज्य मेघालय का है। मेघालय में डुप्लीकेट मतदाता फोटो पहचान पत्र के 524 से अधिक मामले सामने आए हैं। मेघालय राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीडीआर तिवारी के अनुसार, इस मामले में ऐसे मामले शामिल हैं, जहां एक ही ईपीआईसी नंबर अलग-अलग राज्यों में पाया गया, लेकिन अलग-अलग व्यक्तियों से जुड़ा हुआ था। सभी पहचाने गए मामलों को ठीक कर लिया गया है और संबंधित व्यक्तियों को नए ईपीआईसी नंबर जारी किए गए हैं।

भारत के चुनाव आयोग द्वारा चुनावी डेटा को सुव्यवस्थित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल के तहत डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान करने और उन्हें सही करने का काम किया गया। तिवारी ने आगे बताया कि ईपीआईसी-आधार लिंकिंग के मामले में, प्रक्रिया वैकल्पिक बनी हुई है। तिवारी ने कहा, चूंकि आधार कई सुविधाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए हम मतदाताओं से मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने का अनुरोध कर रहे हैं… और वे निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के माध्यम से इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

वैसे इस किस्म की घटनाएं कैसी घटी है, यही मुद्दा चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में खड़ा कर रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले ही महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव के मुद्दे पर अचानक से नये वोटरों की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी का सवाल उठाया था। उस सवाल का भी चुनाव आयोग ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने एक ही वोटर कार्ड पर दो लोगों के नाम होने का सवाल सबूतों के साथ उठा दिया था। जिसके बाद से मामले की नये सिरे से समीक्षा किये जाने की बात कही गयी है।