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ईडी ने अवैध कोयला खनन का पर्दाफाश किया

अवैध खनन करने वालों ने पुलिस टीम पर किया हमला

  • हमले में एक उप निरीक्षक और 9 पुलिसकर्मी घायल

  • वन आरक्षित क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी काट रहे

  • दस उग्रवादी पकड़े गए, भारी मात्रा में हथियार मिले

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़े खुलासे में पुष्टि की है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के एक दशक पुराने प्रतिबंध के बावजूद मेघालय में अवैध रैट-होल खनन बेरोकटोक जारी है। ईडी ने बताया कि खदान संचालक खतरनाक और अमानवीय परिस्थितियों में हर दिन लगभग 1,200 टन कोयला निकाल रहे हैं। जांचकर्ताओं ने एक व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जहां मेघालय स्थित कोयला खदान मालिक और सिंडिकेट संचालक असम के मार्गेरिटा में खनिकों के साथ मिलकर अवैध रूप से खनन किए गए कोयले को वैध बताते हैं।

ईडी अधिकारियों ने प्रमुख दस्तावेजों को जब्त करने और प्रबंधकों, खदान मालिकों और मजदूरों के बयान दर्ज करने की सूचना दी। इन खातों से पुष्टि हुई कि प्रत्येक खदान से प्रतिदिन 5-7 ट्रक भेजे जाते हैं, जिनमें से प्रत्येक ट्रक में 12-16 टन अवैध कोयला होता है। कार्रवाई के दौरान, ईडी कर्मियों ने 1.58 करोड़ रुपये नकद, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप और दो हाई-एंड वाहन जब्त किए

शनिवार रात को संगठित असामाजिक तत्वों और अवैध रेत खननकर्ताओं के नेतृत्व में लगभग 100 व्यक्तियों की हिंसक भीड़ ने दरांग जिले के दलगांव पुलिस स्टेशन के सिलबोरी चौकी के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कौपाटी में धनसिरी नदी के किनारे ड्यूटी पर तैनात पुलिस दल पर हमला कर दिया। इस हमले में एक उपनिरीक्षक को गंभीर चोटें आईं और 9  कांस्टेबलों  पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस दल के आग्नेयास्त्रों और गोला-बारूद को जब्त करने का भी प्रयास किया और उनके सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के सिलसिले में तीस संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों को शनिवार शाम को न्यायिक अदालत में पेश किया गया।

पश्चिम कामरूप डिवीजन में भारी अनियमितता तब सामने आई जब पता चला कि बोंडापारा वन रेंज कार्यालय के अंतर्गत आरक्षित वन (आरएफ) क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी की कटाई चल रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग तस्करों के साथ मिला हुआ है, जो उन्हें आरएफ क्षेत्र से दिन-रात मिट्टी काटने की अनुमति दे रहा है। गौरतलब है कि तस्करों ने करीब 12 से 15 फीट की गहराई तक खुदाई कर करीब 300 मीटर लंबी और 15 से 60 फीट चौड़ी गहरी नहर बना दी है, जिससे जंगली हाथियों, अन्य जानवरों और इंसानों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

उधर निकटवर्ती राज्य मणिपुर के इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों से सुरक्षा बलों ने विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 10 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पाम्बेई) के चार कार्यकर्ताओं और एक सहयोगी को शनिवार को इंफाल पूर्व के वांगखेई थंगापट मापन से गिरफ्तार किया गया।

स्थानीय लोगों को धमकाने की गतिविधियों में शामिल थे उग्रवादी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी इंफाल घाटी में जबरन वसूली और स्थानीय लोगों को धमकाने की गतिविधियों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित ‘पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक’ (पीआरईपीएके-प्रो) के एक सदस्य को इंफाल पश्चिम के लाम्फेलपट से गिरफ्तार किया गया, जबकि कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीडब्ल्यूडी) के पांच सक्रिय कार्यकर्ताओं को शनिवार को इंफाल पूर्व के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया। काकचिंग जिले के मोल्तिनचाम गांव में तलाशी अभियान के दौरान बंदूकें, राइफल और ग्रेनेड सहित हथियार तथा गोला-बारूद बरामद किया गया।