सेना के बचाव अभियान की हुई सराहना
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सौ मीटर नीचे जा गिरी बस
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सेना के काफिले ने मोर्चा संभाला
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29 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः उधमपुर में हुई भीषण बस दुर्घटना में जीवित बचे लोगों ने उस खौफनाक मंजर को याद किया, जहाँ चारों ओर केवल चीख-पुकार और मदद की गुहार सुनाई दे रही थी। उन्होंने कई लोगों की जान बचाने का श्रेय भारतीय सेना के जवानों को दिया, जिन्होंने देवदूत बनकर तुरंत और वीरतापूर्ण बचाव अभियान चलाया।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक खचाखच भरी निजी यात्री बस लगभग 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। बस पहाड़ी से नीचे गिरते समय सड़क पर चल रहे एक ऑटो-रिक्शा को कुचलते हुए भीषण तरीके से पलट गई।
यह हादसा सुबह करीब 10 बजे रामनगर क्षेत्र के कागोट गांव के पास एक अंधे मोड़ पर हुआ। उसी दौरान वहाँ से गुजर रहे सेना के एक काफिले ने तुरंत मोर्चा संभाला और मलबे में दबे लोगों को निकालने का सघन अभियान शुरू किया।
अस्पताल के बिस्तर से बात करते हुए 32 वर्षीय नीतू रानी ने रुंधे गले से कहा, सेना के जवान सबसे पहले हमारे पास पहुँचे। अफरातफरी और भ्रम के बीच वे मसीहा की तरह आए। उन्होंने हमें मलबे से बाहर निकाला। मैं चमत्कारिक रूप से बच गई हूँ—यह मेरे लिए दूसरे जीवन से कम नहीं है। नीतू अपनी माँ के घर जा रही थीं, जब यह रूटीन सफर एक दुस्वप्न में बदल गया।
उधमपुर से रामनगर जा रहे सेना के काफिले का नेतृत्व कर रहे एक सैनिक ने बताया कि जैसे ही उन्होंने नागरिक वाहन को पहाड़ी से नीचे लुढ़कते देखा, वे तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने कहा, हमने तुरंत क्षेत्र को सुरक्षित किया और बचाव अभियान शुरू किया, जिससे बड़ी मुश्किल से कई पुरुषों और महिलाओं की कीमती जान बचाई जा सकी।
जल्द ही सेना के साथ स्थानीय ग्रामीण और उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीमें भी शामिल हो गईं। बस के मलबे को काटने और घायलों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन की मदद ली गई।
चश्मदीदों के अनुसार, बस इतनी ऊंचाई से गिरी थी कि उसका ऊपरी हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। यात्रियों के सामान बिखरे पड़े थे और धातु के मुड़े हुए टुकड़ों के बीच लोग फंसे हुए थे। घायलों में करीब एक दर्जन छात्र भी शामिल थे जो कॉलेज जा रहे थे।
हादसे के सही कारणों का अभी आधिकारिक पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि चालक शायद तीव्र मोड़ पर बस को नियंत्रित करने में विफल रहा। प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।