Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश में 'ई-प्रवेश' प्रणाली ने बनाया रिकॉर्ड: डॉ. मोहन यादव के विजन से 4.89 लाख छात्रों ने लि... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता “मेरा बेटा राह भर तड़पता रहा...”, मंडला में 108 एंबुलेंस की घोर लापरवाही से 21 साल के युवक की तड़पकर... उज्जैन बनेगी देश की पहली 'सर्प मित्र नगरी': 15 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक स्नेक पार्क, जानें खूबि... नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अगले 5 सालों के लिए बढ़ी 'पीएम-किसान' योजना, ₹3.15 लाख करोड़ के बजट को म... भारत में गूगल ने लॉन्च किया Gemini Spark AI एजेंट! आपके बिना ऑनलाइन रहे भी करेगा सारे काम, जानें खास... सावन में करें श्री रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ: दूर होंगे सभी कष्ट, जानें श्रीराम से जुड़ी कथा, सही स... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु...

गंगासागर के कपिल मुनि आश्रम के पास कटाव

जलवायु परिवर्तन का नया खतरा अब धार्मिक स्थल पर

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताःपिल मुनि के आश्रम पर फिर प्रकृति का हमला हुआ है। डोल पूर्णिमा के दौरान समुद्र की बड़ी लहरें कोटल में आती हैं और कपिलमुनि आश्रम के सामने समुद्री तटबंध से टकराती हैं। स्नानघाट नं. 1 से 4 तक की सड़क का नवनिर्माण किया गया है। लगातार हो रहे भयंकर कटाव के कारण कपिल मुनि मंदिर का अस्तित्व खतरे में है। इसे भी दरअसल जलवायु परिवर्तन का नया नमूना समझा जा रहा है। जिससे तटीय इलाकों में समुद्र धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है।

एक के बाद एक ढहने से कपिल मुनि का आश्रम बड़े खतरे में है। गंगासागर पर कपिलमुनि आश्रम के सामने का समुद्र तट एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं के कारण नष्ट हो गया है। राज्य सरकार ने यहां आपातकालीन मरम्मत कार्य कराकर किसी तरह 2025 में गंगासागर मेला संपन्न कराया है।

हालांकि, भीषण कटाव के कारण स्नान घाट संख्या 2 से 4 तक पवित्र स्नान बंद करना पड़ा। परिणामस्वरूप, तीर्थयात्रियों को घाट 1, 4, 5 और 6 पर स्नान करना पड़ा और फिर कपिल मुनि मंदिर तक पहुंचने के लिए कई मार्गों की यात्रा करनी पड़ी। इस बार पूर्णिमा के दौरान समुद्र की उफनती लहरों के कारण कपिलमुनि आश्रम के सामने स्नान घाट संख्या 1 से 4 तक फिर से टूट रहे हैं। कटाव के कारण कपिलमुनि आश्रम से समुद्र की दूरी धीरे-धीरे कम होती जा रही है।

विपत्तियों का मौसम आगे है। परिणामस्वरूप, स्थानीय निवासियों से लेकर तीर्थयात्रियों तक सभी कपिल मुनि आश्रम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय निवासी और व्यवसायी तत्काल एवं स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, हमेशा की तरह, गंगा में कपिलमुनि आश्रम के सामने तटबंध टूटने पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा, यह तो रोज की खबर है। राज्य सरकार इस मेले से पहले करोड़ों का बजट ला रही है। लेकिन तृणमूल नेता इसे चुरा रहे हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, हम बहुत डरे हुए हैं। क्योंकि हम नदी किनारे की दुकान चलाते हैं। अगर जगह छोटी पड़ गई तो दुकान गिर जाएगी।